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जिस देश में, जिस भेष में, जिस धाम में रहो(Jis Desh Mein Jis Vesh Main Raho)

जिस देश में, जिस भेष में, जिस धाम में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस धाम में, जिस काम में, जिस नाम में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस रंग में, जिस संग में, जिस ढंग में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस रोग में, जिस भोग में, जिस योग में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस हाल में, जिस चाल में, जिस काल में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस ध्यान में, जिस ज्ञान में, परिधान में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो

कावड़ उठाले ध्यान, शिव का लगा ले (Kawad Utha Le Dhyan Shiv Ka Laga Le)

कावड़ उठाले ध्यान,
शिव का लगाले ॥

मासिक शिवरात्रि: भगवान शिव नमस्काराथा मंत्र

हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। नवंबर माह की शिवरात्रि मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष में पड़ती है, और यह दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने का उत्तम अवसर है।

भला किसी का कर ना सको तो (Bhala Kisi Ka Kar Na Sako Too)

भला किसी का कर ना सको तो,
बुरा किसी का मत करना,

फाल्गुन अमावस्या के उपाय

फाल्गुन अमावस्या का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। खासकर पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए इस अमावस्या से बेहतर दिन ही नहीं है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं।

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