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जिस देश में, जिस भेष में, जिस धाम में रहो(Jis Desh Mein Jis Vesh Main Raho)

जिस देश में, जिस भेष में, जिस धाम में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस धाम में, जिस काम में, जिस नाम में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस रंग में, जिस संग में, जिस ढंग में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस रोग में, जिस भोग में, जिस योग में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस हाल में, जिस चाल में, जिस काल में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो


जिस ध्यान में, जिस ज्ञान में, परिधान में रहो

राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो

ऐसी सुबह ना आए, आए ना ऐसी शाम (Aisi Suwah Na Aye, Aye Na Aisi Sham)

शिव है शक्ति, शिव है भक्ति, शिव है मुक्ति धाम।
शिव है ब्रह्मा, शिव है विष्णु, शिव है मेरा राम॥

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी(Maa Murade Puri Karde Main Halwa Batungi)

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी।
ज्योत जगा के, सर को झुका के,

हमें गुरुदेव तेरा सहारा न मिलता (Hame Gurudev Tera Sahara Na Milata)

हमें गुरुदेव तेरा सहारा न मिलता ।
ये जीवन हमारा दुबारा न खिलता ॥

रानीसती चालीसा ( Ranisati Chalisa )

श्री गुरु पद पंकज नमन, दुषित भाव सुधार I

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