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कलयुग में फिर से आजा, डमरू बजाने वाले (Kalyug Mein Fir Se Aaja Damru Bajane Wale)

कलयुग में फिर से आजा,

डमरू बजाने वाले,

दुःख दर्द सब मिटा जा,

डमरू बजाने वाले ॥


विष पीके तुमने बाबा,

संसार को बचाया,

भैरव के रूप में भी,

महाकाल बनके आया,

दानव को फिर मिटा जा,

तांडव रचाने वाले,

कलयुग मे फिर से आजा,

डमरू बजाने वाले ॥


दानव देव ऋषियों ने,

सबने है तुम्हे ध्याया,

संतो के लिए बाबा,

सातों धाम रचाया,

भक्तो को फिर जगा जा,

उज्जैन वाले बाबा,

कलयुग मे फिर से आजा,

डमरू बजाने वाले ॥


कलयुग में फिर से आजा,

डमरू बजाने वाले,

दुःख दर्द सब मिटा जा,

डमरू बजाने वाले ॥

थाईपुसम त्योहार कब है

थाईपुसम त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत और अज्ञानता पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। भक्तजन जीवन की बाधाओं को पार करने के लिए मार्गदर्शन पाने के लिए मुरुगन से प्रार्थना करते हैं।

मोक्षदा एकादशी पर दुर्लभ संयोग

हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी मनाई जाती है। इस वर्ष 11 दिसंबर 2024 को यह पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन गीता जयंती का भी पर्व होता है।

मासिक जन्माष्टमी पर पूजन

सनातन हिंदू धर्म में, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि इससे साधक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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मिल कहो गर्व से हिन्दू है हम,
यह हिन्दूस्तान हमारा,

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