नवीनतम लेख

कलयुग में शिवयुग आया है (Kalyug Mein Shiv Yug Aaya Hai)

कलयुग में शिवयुग आया है,

महादेव ये तेरा रचाया है,

हर भगत ने तुझको पाया है,

महादेव ये तेरा रचाया है ॥


शिव मंदिर में तेरे भगत खड़े,

तेरे नाम की अलख जगाए खड़े,

मूलमंत्र उन्हें अब भाया है,

महादेव ये तेरा रचाया है,

कलयुग में शिवयुग आया हैं,

महादेव ये तेरा रचाया है ॥


पंडालों में भारी भीड़ पड़ी,

शिव कृपा की ऐसी होड़ लगी,

कण कण में शंकर समाया है,

महादेव ये तेरा रचाया है,

कलयुग में शिवयुग आया हैं,

महादेव ये तेरा रचाया है ॥


कलयुग में शिवयुग आया है,

महादेव ये तेरा रचाया है,

हर भगत ने तुझको पाया है,

महादेव ये तेरा रचाया है ॥

जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

होली की पूजा विधि और सामग्री

होली का पर्व हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार रंगों के साथ-साथ धार्मिक अनुष्ठानों का भी प्रतीक है। होलिका दहन से पहले पूजा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

दुर्गा सप्तशती का पाठ कैसे करें

दुर्गा सप्तशती का पाठ देवी दुर्गा की कृपा पाने का एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली माध्यम है। इसे 'चंडी पाठ' के नाम से भी जाना जाता है। दुर्गा सप्तशती में 700 श्लोक हैं, जो देवी दुर्गा की महिमा, उनकी विजय और शक्ति का वर्णन करते हैं।

यह भी जाने