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Kewat Ne Kaha Raghurai Se Lyrics (केवट ने कहा रघुराई से)

केवट ने कहा रघुराई से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥


मैं नदी नाल का सेवक हूँ,

तुम भवसागर के स्वामी हो,

मैं यहाँ पे पार लगाता हूँ,

तुम वहाँ पे पार लगा देना,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥


तूने अहिल्या को पार लगाया है,

मुझको भी पार लगा देना,

मैं यहाँ पे पार लगाता हूँ,

तुम वहाँ पे पार लगा देना,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥


केवट ने कहा रघुराई से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥

छूम छूूम छननन बाजे, मैय्या पांव पैंजनिया (Chum Chumu Channan Baje Maiya Paon Panjaniya)

छूम छूूम छननन बाजे,
मैय्या पांव पैंजनिया।

ये सारे खेल तुम्हारे है जग कहता खेल नसीबों का: भजन (Ye Sare Khel Tumhare Hain Jag Kahta Khel Naseebo Ka)

ये सारे खेल तुम्हारे है,
जग कहता खेल नसीबों का,

तमिल हनुमान जयंती कथा

तमिलनाडु में हनुमान जयंती मार्गशीर्ष अमावस्या के दौरान मनाई जाती है। यह दिन हनुमान जी को समर्पित है। हिंदू पौराणिक कथाओं में, हनुमान जी शक्ति, भक्ति और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं।

रंग पंचमी का महत्व और मुहूर्त

रंग पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे होली के पांच दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन आसमान में गुलाल उड़ाने की परंपरा है, जिसे देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है।