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माँ दिल के इतने करीब है तू(Maa Dil Ke Itne Kareeb Hai Tu)

माँ दिल के इतने करीब है तू,

जिधर भी देखूं नज़र तू आए,

जो आँखे बंद करके माँ मैं देखूं,

तू ही तू मैया नज़र है आए,

मां दिल के इतने करीब है तू,

जिधर भी देखूं नज़र तू आए ॥


कोई है राजा है कोई भिखारी,

ये कैसी लीला है माँ तुम्हारी,

किसी को तरसाए एक दाना,

कही पे भंडार तू लगाए,

मां दिल के इतने करीब है तू,

जिधर भी देखूं नज़र तू आए ॥


रोजाना दर पे लगे है मेले,

नसीब वाले तो जय माँ बोले,

कोई माँ लाया है तेरा चोला,

किसी की आँखों में नीर आए,

मां दिल के इतने करीब है तू,

जिधर भी देखूं नज़र तू आए ॥


कोई माँ सोने का हार लाया,

माँ कोई चांदी का छत्र लाया,

किसी ने चुनरी है माँ चढ़ाई,

कोई तो बदहाल दर पे आए,

मां दिल के इतने करीब है तू,

जिधर भी देखूं नज़र तू आए ॥


माँ दिल के इतने करीब है तू,

जिधर भी देखूं नज़र तू आए,

जो आँखे बंद करके माँ मैं देखूं,

तू ही तू मैया नज़र है आए,

मां दिल के इतने करीब है तू,

जिधर भी देखूं नज़र तू आए ॥

गजानंद मैहर करो(Gajanand Mehar Karo)

ओ गणनायक महाराज सुमिरा जोडू दोनों हाथ,
ओ गणनायक महाराज,

सकट चौथ पूजा विधि

हिंदू धर्म में सकट चौथ का व्रत अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत भगवान गणेश और सकट माता की पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और उनके जीवन में आने वाले संकटों को दूर करने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के यम-नियम

हर साल पौष महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि अखुरथ संकष्टी चतुर्थी होती है। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी काफ़ी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

मैया मैं तेरी पतंग (Maiya Main Teri Patang)

मैया मैं तेरी पतंग,
हवा विच उडदी जावांगी,

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