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माँ ऊँचे पर्वत वाली, करती शेरो की सवारी(Maa Unche Parwat Wali Karti Shero Ki Sawari)

माँ ऊँचे पर्वत वाली,

करती शेरो की सवारी,

अम्बे माँ,

घर में पधारो मेरी माँ,

अम्बे माँ,

घर में पधारो मेरी माँ ॥


तेरे नाम की ज्योत जली है,

दर्शन को टोली खड़ी है,

अम्बे माँ,

आरती उतारूं मेरी माँ,

अम्बे माँ,

आरती उतारूं मेरी माँ ॥


आँखे दर्शन की है प्यासी,

आजा माता मिटे उदासी,

अम्बे माँ,

चरण पखारूँ मेरी माँ,

अम्बे माँ,

चरण पखारूँ मेरी माँ ॥


हम सब भक्ति भाव ना जाने,

पूजा पाठ नहीं कुछ जाने,

अम्बे माँ,

तेरे ही गुण गाऊं ओ माँ,

अम्बे माँ,

तेरे ही गुण गाऊं ओ माँ ॥


माँ ऊँचे पर्वत वाली,

करती शेरो की सवारी,

अम्बे माँ,

घर में पधारो मेरी माँ,

अम्बे माँ,

घर में पधारो मेरी माँ ॥

आनंद ही आनंद बरस रहा (aanand-hi-aanand-baras-raha)

आनंद ही आनंद बरस रहा
बलिहारी ऐसे सद्गुरु की ।

लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा (Lagan Tumse Laga Baithe Jo Hoga Dekha Jayega)

मोहे लागी रे लगन महाकाल की लगन,
तुम्हारे नाम से किस्मत मेरी सजा लू मैं,

श्रीमन नारायण नाम संकीर्तन (Sriman Narayan Nama Sankirtan)

श्रीमन्नारायण नारायण नारायण नारायण ।टेक।
लक्ष्मीनारायण नारायण नारायण नारायण

जब जब मन मेरा घबराए(Jab Jab Man Mera Ghabraye)

जब मन मेरा घबराए,
कोई राह नज़र ना आये,