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मान अकबर का घटाया है (Maan Akbar Ka Ghataya Hain)

मां ज्वाला तेरी देवीय शक्ति, नमन करूं श्रीनायक।

मान भक्तों का बढ़ाया है रे, मान भक्तों का बढ़ाया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


हिमाचल प्रदेश में एक जिला कांगड़ा है।

और सिद्ध पीटों में स्थान सबसे बड़ा है।

अरे जो भी जाए खाली न आए पाए नित वरदान।

सभी पर उसकी छाया है रे सभी पर उसकी छाया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


नादौन गांव का था धानू पुजारी।

और मां ज्वाला की पूजा की कर ली तैयारी।

अरे भक्तों का जत्था बहुत बड़ा था पूरा एक हजार।

चला दिल्ली तक आया है रे चला दिल्ली तक आया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


अकबर ने पूछा कौन हो और कहां जाते भाई।

और इतने लोगों की भीड़ क्यों तुमरे संग है आई।

धानू बोला मैं तो सेवक मां ज्वाला का दास।

ध्यान माता का आया है रे ध्यान माता का आया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


इतना कहे अकबर ने शमशीर उठाई।

और एक झटके में घोड़े की गर्दन अलग कर दी रे भाई।

गर सत की देवी है तुम्हारी तो जुड़वा देना शीश।

जिसे धरती में गिराया है रे जिसे धरती में गिराया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


हे मातेश्वरी अंतर्यामी घट घट की तू वासी है।

और ले रहा मेरी परीक्षा अकबर इसलिए मन उदासी है।

है कठिन परीक्षा आज तू माता रखना मेरी लाज।

कसम मैंने भी खाया है रे कसम मैंने भी खाया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


खुश होकर प्रकट हुईं मां साक्षात भवानी ज्वाला।

और शीश जोड़कर उसने धानू को जिंदा कर डाला।

और तू जिंदा तेरा घोड़ा जिंदा मांग मांग वरदान।

तेरे जो मन में भाया है रे तेरे जो मन में भाया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


घोड़े को जिंदा देखकर बारी बारी मन घबराए।

और दौड़ दौड़ अकबर को सारा दर्शमान बतलाए।

सुनकर सारा हाल हुआ अकबर भी अब बेहाल।

बहुत मन में घबराया है रे बहुत मन में घबराया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


सवामन सोने का छत्र अकबर ने कांधे पर धारा।

नंगे पग पैदल चलकर पहुंचा बेचारा।

छत्र चढ़ाने से पहले हो गया वो चकनाचूर।

मान अकबर का घटाया है रे मां अकबर का घटाया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

(मान अकबर का घटाया है।)

(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


बहुत माफी मांगा और बहुत गिड़गिड़ाया।

मां के चरणों में वो उतरा माथा झुकाया।

अरे लौट के अकबर दिल्ली आया बनकर वो अनजान।

महिमा मन से गाया है रे महिमा मन से गाया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

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(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)


अरे मां ज्वाला तेरी देवीय शक्ति नमन करूं श्रीनायक।

मान भक्तों का बढ़ाया है रे मान भक्तों का बढ़ाया है।

धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)

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(धानू और घोड़े को दे दी तूने जीवनदान मान अकबर का घटाया है।)

मान अकबर का घटाया है।

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मान अकबर का घटाया है।

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मान अकबर का घटाया है।

(मान अकबर का घटाया है।)


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