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मैं हर पल गाता जाऊं, ओम नम शिवाय (Main Harpal Gata Jaun Om Namah Shivay)

ओम नम शिवाय,

ओम नम शिवाय,

मैं हर पल गाता जाऊं,

तेरी भक्ति में खो जाऊं,

सुबह शाम मैं नाम को तेरे,

भोले ध्याता जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥


तेरे जैसा कोई नहीं है,

इस जग में हितकारी,

तेरी महिमा सबसे प्यारी,

गाए दुनिया सारी,

मैं नादान हूं दास तुम्हारा,

क्या महिमा मैं गाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥


देवों के तुम देव प्रभू जी,

तुम्हीं हो त्रिपुरारी,

करें आरती तेरी निशदिन,

हे भोले भंडारी,

दो वरदान प्रभू,

इस ‘शिव’ को,

गुण मैं तेरे गाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥


ओम नम शिवाय,

ओम नम शिवाय,

मैं हर पल गाता जाऊं,

तेरी भक्ति में खो जाऊं,

सुबह शाम मैं नाम को तेरे,

भोले ध्याता जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं,

तेरी भक्ति मे खो जाऊं ॥

लट्ठमार होली कैसे खेली जाती है

बरसाने में लट्ठमार होली फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है, जो इस साल 8 मार्च को पड़ रही है। यह त्योहार राधा-कृष्ण के प्रेम की लीलाओं को दर्शाता है।

कब है जया एकादशी?

सनातन धर्म में एक साल में कुल 24 एकादशी आती है। इनमें से माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी मनाई जाती है। सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होता है।

औघड़ दानी रहा अलख जगा (Oghad Dani Raha Alakh Jaga)

जग में हुआ उजाला,
नाची धरती झूमा अम्बर,

दीपावली पूजन के लिए संकल्प मंत्रः (Dipawali Pujan ke liye Sankalp Mantra)

ऊं विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:, ऊं तत्सदद्य श्री पुराणपुरुषोत्तमस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय पराद्र्धे श्री श्वेतवाराहकल्पे सप्तमे वैवस्वतमन्वन्तरे, अष्टाविंशतितमे कलियुगे, कलिप्रथम चरणे जम्बुद्वीपे भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर्गत ब्रह्मवर्तैकदेशे पुण्य