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फागुन की रुत फिर से आई, खाटू नगरी चालो (Fagun Ki Rut Phir Se Aayi Khatu Nagri Chalo)

फागुन की रुत फिर से आई,

खाटू नगरी चालो,

श्याम निशान उठालो,

श्याम कुंड के पावन जल में,

चलके डुबकी लगालो,

श्याम निशान उठालो ॥


गाँव-गाँव और शहर-शहर से,

तेरी प्रेमी जाते,

लाखों-लाखों रंग-बिरंगे,

श्याम ध्वजा लहराते,

श्याम का जयकारा करते,

करते खाटू को चालो,

श्याम निशान उठालो ॥


श्याम हवेली तक रींगस से,

लंबी लगी कतारें,

फागुन मेला आया भक्तों,

बाबा हमे पुकारे,

लड्डू-मेवे और इत्र का,

भोग श्याम को चढालो,

श्याम निशान उठालो ॥


ये मौका बड़भागी उठावे,

खाटू नगरी जावे,

सांवरिये का दर्शन करके,

माल-खजाना पावे,

अब भी समय है टिकट करा लो,

भाग्य ‘कुणाल’ जगालो ॥


फागुन की रुत फिर से आई,

खाटू नगरी चालो,

श्याम निशान उठालो,

श्याम कुंड के पावन जल में,

चलके डुबकी लगालो,

श्याम निशान उठालो ॥

बोल राधे, बोल राधे (Bol Radhey, Bol Radhey)

पूछते हो कैसे
पूछते हो कैसे

सांवरे को दिल में बसा के तो देखो(Sanware Ko Dil Me Basa Kar To Dekho)

कर्ता करे ना कर सके,
पर गुरु किए सब होये ।

फुलेरा दूज 2025 शुभ मुहूर्त

फुलेरा दूज भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक का त्योहार है। यह त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। वहीं यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का संकेत भी होता है।

ल्याया थारी चुनड़ी, करियो माँ स्वीकार(Lyaya Thari Chunri Karlyo Maa Swikar)

ल्याया थारी चुनड़ी,
करियो माँ स्वीकार,