नवीनतम लेख

फागुन की रुत फिर से आई, खाटू नगरी चालो (Fagun Ki Rut Phir Se Aayi Khatu Nagri Chalo)

फागुन की रुत फिर से आई,

खाटू नगरी चालो,

श्याम निशान उठालो,

श्याम कुंड के पावन जल में,

चलके डुबकी लगालो,

श्याम निशान उठालो ॥


गाँव-गाँव और शहर-शहर से,

तेरी प्रेमी जाते,

लाखों-लाखों रंग-बिरंगे,

श्याम ध्वजा लहराते,

श्याम का जयकारा करते,

करते खाटू को चालो,

श्याम निशान उठालो ॥


श्याम हवेली तक रींगस से,

लंबी लगी कतारें,

फागुन मेला आया भक्तों,

बाबा हमे पुकारे,

लड्डू-मेवे और इत्र का,

भोग श्याम को चढालो,

श्याम निशान उठालो ॥


ये मौका बड़भागी उठावे,

खाटू नगरी जावे,

सांवरिये का दर्शन करके,

माल-खजाना पावे,

अब भी समय है टिकट करा लो,

भाग्य ‘कुणाल’ जगालो ॥


फागुन की रुत फिर से आई,

खाटू नगरी चालो,

श्याम निशान उठालो,

श्याम कुंड के पावन जल में,

चलके डुबकी लगालो,

श्याम निशान उठालो ॥

ओ लागी लागी रे प्रीत, थासु सांवरिया सरकार (O Lagi Lagi Re Preet Thasu Sawariya Sarkar)

ओ लागी लागी रे प्रीत,
थासु सांवरिया सरकार,

चलो सालासर भक्तों, बाबा का बुलावां आ गया (Chalo Salasar Bhakto Baba Ka Bulawa Aa Gaya)

बाबा का बुलावा आ गया,
चलो सालासर भक्तो,

श्रीरामरक्षास्तोत्रम् (Shriramarakshastotram)

अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषि: श्रीसीतारामचन्द्रो देवता अनुष्टुप् छन्द: सीता शक्ति: श्रीमद्हनुमान् कीलकम् श्रीसीतारामचन्द्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोग:॥

हम को मन की शक्ति देना (Hum Ko Mann Ki Shakti Dena)

हम को मन की शक्ति देना,
मन विजय करें ।