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मैं सहारे तेरे, श्याम प्यारे मेरे (Main Sahare Tere, Shyam Pyare Mere)

मैं सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे,

मेरी चिंता मिटा दे तू,

है जहाँ तेरा दर,

एक छोटा सा घर,

वही मेरा बना दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥


तू सहारा है हारे का बाबा,

देख सब कुछ मैं हारा हुआ हूँ,

मेरे जख्मों पे मरहम लगा दे,

मैं मुकद्दरका मारा हुआ हूँ,

मेरा बैरी जहान और जाऊं कहाँ,

श्याम इतना बता दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥


शीश चौखट पे तेरी रखा है,

दे दे आशीष ओ शीश दानी,

मेरे आंसू बयाँ कर रहे है,

मेरे हर एक गम की कहानी,

सबको बांटे ख़ुशी,

मेरे होंठो को भी,

मुस्कुराना सिखा दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥


थाम लेगा तू हाथ मेरा,

जीत जाऊंगा मैं खाटू वाले,

अब तो मेरे भरोसे की नैया,

है मेरे श्याम तेरे हवाले,

दे गए सब दगा,

देर अब ना लगा,

कुछ करिश्मा दिखा दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥


मैं सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे,

मेरी चिंता मिटा दे तू,

है जहाँ तेरा दर,

एक छोटा सा घर,

वही मेरा बना दे तू,

मै सहारे तेरे,

श्याम प्यारे मेरे ॥

दुर्गा सप्तशती का पाठ कैसे करें

दुर्गा सप्तशती का पाठ देवी दुर्गा की कृपा पाने का एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली माध्यम है। इसे 'चंडी पाठ' के नाम से भी जाना जाता है। दुर्गा सप्तशती में 700 श्लोक हैं, जो देवी दुर्गा की महिमा, उनकी विजय और शक्ति का वर्णन करते हैं।

प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी (Pyara Saja Hai Tera Dwar Bhawani)

दरबार तेरा दरबारों में इक खास एहमियत रखता है
उसको वैसा मिल जाता है जो जैसी नीयत रखता है

बालाजीं मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजीं (Balaji Meri Bigdi Bana Do Mere Balaji)

बालाजी बालाजी,
मेरी बिगड़ी बना दो मेरे बालाजीं,

ब्रज होली की पौराणिक कथा

होली का नाम सुनते ही हमारे मन में रंगों की खुशबू, उत्साह और व्यंजनों की खुशबू बस जाती है। यह भारत के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, लेकिन इसकी उत्पत्ति के बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है। हालांकि, होली से जुड़ी कई किंवदंतियां हैं।