नवीनतम लेख

मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में (Main Too Aai Vrindavan Dham Kishori Tere Charanan Main)

मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


ब्रिज वृन्दावन की महारानी,

मुक्ति भी यहाँ भरती पानी ।

तेरे चन पड़े चारो धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


करो कृपा की कोर श्री राधे,

दीन जजन की ओर श्री राधे ।

मेरी विनती है आठो याम,

किशोरी तेरे चरनन में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


बांके ठाकुर की ठकुरानी,

वृन्दावन जिन की रजधानी ।

तेरे चरण दबवात श्याम,

किशोरी तेरे चरनन में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


मुझे बनो लो अपनी दासी,

चाहत नित ही महल खवासी ।

मुझे और ना जग से काम,

किशोरी तेरे चरण में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


श्री राधे श्री राधे,

राधे राधे श्री राधे ।

श्री राधे श्री राधे,

राधे राधे श्री राधे ।

बाबा मुझे दर्शन दें महाकाल (Baba Mujhe Darshan De Mahakal)

मैं आया उज्जैन महाकाल,
बाबा मुझे दर्शन दे,

गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ (Govind Chale Aao, Gopal Chale Aao)

गोविंद चले आओ,
गोपाल चले आओ,

आया पावन सोमवार (Aaya Pawan Somwar)

आया पावन सोमवार,
चलो शिव मंदिर को जाए,

मकर संक्रांति पर खिचड़ी क्यों बनती है

मकर संक्रांति का त्योहार आगामी 14 जनवरी को है। देश के कई हिस्सों में इसे खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। खिचड़ी के चावल से चंद्रमा और शुक्र की शांति संबंधित है।

यह भी जाने