नवीनतम लेख

मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में (Main Too Aai Vrindavan Dham Kishori Tere Charanan Main)

मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


ब्रिज वृन्दावन की महारानी,

मुक्ति भी यहाँ भरती पानी ।

तेरे चन पड़े चारो धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


करो कृपा की कोर श्री राधे,

दीन जजन की ओर श्री राधे ।

मेरी विनती है आठो याम,

किशोरी तेरे चरनन में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


बांके ठाकुर की ठकुरानी,

वृन्दावन जिन की रजधानी ।

तेरे चरण दबवात श्याम,

किशोरी तेरे चरनन में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


मुझे बनो लो अपनी दासी,

चाहत नित ही महल खवासी ।

मुझे और ना जग से काम,

किशोरी तेरे चरण में ॥


मैं तो आई वृन्दावन धाम,

किशोरी तेरे चरनन में ।

किशोरी तेरे चरनन में,

श्री राधे तेरे चरनन में ॥


श्री राधे श्री राधे,

राधे राधे श्री राधे ।

श्री राधे श्री राधे,

राधे राधे श्री राधे ।

षटतिला एकादशी: विष्णु और नारद प्रसंग

हिंदू धर्म में, यूं तो प्रत्येक एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। पर षटतिला एकादशी उन सब में भी विशेष मानी जाती है। 2025 में, षटतिला एकादशी का व्रत 25 जनवरी को है। इस दिन पूजा और व्रत करने से साधक को मोक्ष प्राप्त होती है।

राम को देखकर श्री जनक नंदिनी (Ram Ko Dekh Kar Shri Janak Nandini)

राम को देखकर श्री जनक-नंदिनी, बाग़ में जा खड़ी की खड़ी रह गयीं

आना गणपति देवा, हमारे घर कीर्तन में (Aana Ganapati Deva Hamare Ghar Kirtan Mein)

आना गणपति देवा,
हमारे घर कीर्तन में,

मन लेके आया माता रानी के भवन में (Man Leke Aaya Mata Rani Ke Bhawan Mein)

मन लेके आया,
माता रानी के भवन में
बड़ा सुख पाया

यह भी जाने