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मेरा भोला हे भंडारी, जटाधारी अमली (Mera Bhola Hai Bhandari Jatadhari Amali)

मेरा शिव भोला भंडारी,

जटाधारी अमली,

जटाधारी अमली,

जटाधारी अमली,

मेरा शिव भोंला भंडारी,

जटाधारी अमली ॥


कहाँ रहे तेरा बैल नंदीया,

कहाँ रहे गणेश,

कहाँ रहे मेरा भोला शंकर,

लम्बे लम्बे केश,

उसदा जोगीयां वाला भेष,

मेरा शिव भोंला भंडारी,

जटाधारी अमली ॥


वन में रहे मेरा बैल नंदीया,

मंदिर रहे गणेश,

ऊपर कैलाशा भोले शंकर,

लम्बे लम्बे केश,

उसदा जोगीयां वाला भेष,

मेरा शिव भोंला भंडारी,

जटाधारी अमली ॥


क्या खाए मेरा बैल नंदीया,

खाए गणेश,

क्या खाए मेरा भोला शंकर,

लम्बे लम्बे केश,

उसदा जोगीयां वाला भेष,

मेरा शिव भोंला भंडारी,

जटाधारी अमली ॥


घास खाए मेरा बैल नंदीया,

लड्डू खाए गणेश,

भंग पीये मेरा भोला शंकर,

लम्बे लम्बे केश,

उसदा जोगीयां वाला भेष,

मेरा शिव भोंला भंडारी,

जटाधारी अमली ॥


मेरा शिव भोला भंडारी,

जटाधारी अमली,

जटाधारी अमली,

जटाधारी अमली,

मेरा शिव भोंला भंडारी,

जटाधारी अमली ॥


सबसे ऊंची प्रेम सगाई (Sabse Unchi Prem Sagai)

सबसे ऊंची प्रेम सगाई,
सबसे ऊंची प्रेम सगाई ।

लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया(Lau Kaha Se Bhole Nath Teri Bhangiya)

लाऊँ कहाँ से,
भोलेनाथ तेरी भंगिया,

स्कन्द षष्ठी व्रत की पूजा विधि

भगवान कार्तिकेय को सुब्रमण्यम, कार्तिकेयन, स्कंद और मुरुगन जैसे नामों से जाना जाता है। वे शक्ति और विजय के देवता हैं। उनकी आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि, सफलता और सभी प्रकार की बाधाओं का निवारण होता है।

जिस देश में, जिस भेष में, जिस धाम में रहो(Jis Desh Mein Jis Vesh Main Raho)

जिस देश में, जिस भेष में, जिस धाम में रहो
राधा रमण, राधा रमण, राधा रमण कहो

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