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मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार (Mere Banke Bihari Lal Tu Itna Na Nario Shringar)

मेरे बांके बिहारी लाल,

तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी ।


तेरी सुरतिया पे मन मोरा अटका ।

प्यारा लागे तेरा पीला पटका ।

तेरी टेढ़ी मेढ़ी चाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी ॥

मेरे बांके बिहारी लाल...॥


तेरी मुरलिया पे मन मेरा अटका ।

प्यारा लागे तेरा नीला पटका ।

तेरे गुंगार वाले बाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी ॥

मेरे बांके बिहारी लाल...॥


तेरी कमरिया पे मन मोरा अटका ।

प्यारा लागे तेरा काला पटका ।

तेरे गल में वैजयंती माल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी ॥

मेरे बांके बिहारी लाल...॥


मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार,

नजर तोहे लग जाएगी ।

राम का हर पल ध्यान लगाए, राम नाम मतवाला (Ram Ka Har Pal Dhyan Lagaye Ram Naam Matwala)

राम का हर पल ध्यान लगाए,
राम नाम मतवाला,

सोमवती अमावस्या व्रत से बदलेगी किस्मत

सनातन हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि काफ़ी महत्वपूर्ण माना जाता है। अमावस्या तिथि कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन होती है और इस दिन आकाश में चांद दिखाई नहीं देता है। प्रत्येक साल कुल 12 अमावस्या पड़ती हैं।

सूर्यग्रहण में सूतक क्या होता है

हर ग्रहण के दौरान एक सूतक काल होता है। जिसमें कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। सूतक काल का खास महत्व होता है। यह धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है।

होली की पौराणिक कथाएँ

होली भारत का एक प्रमुख और रंगों से भरा त्योहार है। लेकिन ये केवल रंगों और उल्लास तक ही सीमित नहीं, होली का एक गहरा धार्मिक और पौराणिक महत्व भी है।