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मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री(Meri Chunri Mein Pad Gayo Dag Ri)

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री,

कैसो चटक रंग डारो,

श्याम मेरी चुनरी में पड़ गयों दाग री,

कैसो चटक रंग डारों ॥


औरन को अचरा ना छुअत है,

औरन को अचरा ना छुअत है,

या की मोहि सो,

या की मोहि सो लग रही लाग री,

या की मोहि सो लग रही लाग री,

कैसो चटक रंग डारों,

श्याम मोरी चुनरी में पड़ गयों दाग री,

कैसो चटक रंग डारों ॥


मो सो कहतो सुन्दर नारी,

मो सो कहतो सुन्दर नारी,

ये तो मोही सो,

ये तो मो हि सो खेले फाग री,

ये तो मो हि सो खेले फाग री,

कैसो चटक रंग डारो,

श्याम मेरी चुनरी में पड़ गयों दाग री,

कैसो चटक रंग डारों ॥


बल बल दास आस ब्रज छोड़ो,

बल बल दास आस ब्रज छोड़ो,

ऐसी होरी में,

ऐसी होरी में लग जाये आग री,

ऐसी होरी में लग जाये आग री,

कैसो चटक रंग डारों,

श्याम मोरी चुनरी में पड़ गयों दाग री,

कैसो चटक रंग डारों ॥


मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री,

कैसो चटक रंग डारो,

श्याम मोरी चुनरी में पड़ गयों दाग री,

कैसो चटक रंग डारों ॥

नवरात्रि में कलश स्थापना कैसे करें

कलश स्थापना को शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, कलश में जल को ब्रह्मांड की सभी सकारात्मक ऊर्जाओं का स्रोत माना गया है।

कालाष्टमी व्रत के उपाय

माघ माह की शुरुआत मकर संक्रांति के दिन से होती है। इस महीने पड़ने वाली कालाष्टमी पर्व का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व है। इस दिन भगवान शिव के उग्र रूप, काल भैरव की पूजा होती है।

जन्मे अवध रघुरइया हो (Janme Awadh Raghuraiya Ho)

जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो
रूप मे अनूप चारो भइया हो,

भोलेनाथ मेरे मरने से पहले, ऐसी चिलम पिला देना (Bholenath Mere Marne Se Pahle Aisi Chilam Pila Dena)

भोलेनाथ मेरे मरने से पहले,
ऐसी चिलम पिला देना,

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