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ओ मैया मैं तुम्हारा, लगता नहीं कोई (O Maiya Main Tumhara Lagta Nahi Koi)

ओ मैया मैं तुम्हारा,

लगता नहीं कोई,

पर जितना किया तुमने,

करता नहीं कोई,

ओ मईया मैं तुम्हारा,

लगता नहीं कोई ॥

जब जब भी दिल मेरा,


उदास होता है,

तू मेरे पास खड़ी,

अहसास होता है,

ढूंढा तेरे जैसा माँ,

मिलता नहीं कोई ॥


कोई भी मुसीबत को,

ना पास भटकने दे,

बेटे की अँखियों से,

ना आंसू टपकने दे,

आँचल तेरे जैसा माँ,

रखता नहीं कोई ॥


जब जब भी पुकारूँ मैं,

जब भी फरियाद करूँ,

मुझे ऐसा लगता है,

तुमको नाराज करूँ,

वो गलती करता हूँ जो,

करता नहीं कोई ॥


‘बनवारी’ प्यार मेरा,

पहचानता नहीं,

मेरी गोद में बैठा है,

तू जानता नहीं,

गोदी में किसी को यूँ ही,

रखता नहीं कोई,

ये मत कहना तू मेरा,

लगता नहीं कोई,

माँ जितना किया तुमने,

करता नहीं कोई ॥


ओ मैया मैं तुम्हारा,

लगता नहीं कोई,

पर जितना किया तुमने,

करता नहीं कोई,

ओ मईया मैं तुम्हारा,

लगता नहीं कोई ॥

ऐसी लागी लगन, मीरा हो गयी मगन (Aisi Lagi Lagan, Meera Ho Gai Magan)

ऐसी लागी लगन,
मीरा हो गयी मगन,

नामकरण संस्कार पूजा विधि

नामकरण संस्कार हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से एक है, जिसमें बच्चे को उसकी पहचान दी जाती है। यह बच्चे के जीवन का पहला अनुष्ठान होता है।

हर सांस मे हो सुमिरन तेरा (Har Saans Me Ho Sumiran Tera)

हर सांस मे हो सुमिरन तेरा,
यु बित जाये जीवन मेरा,

दुर्गा चालीसा पाठ

धार्मिक मान्यता है कि मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जातक की हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन दुर्गा चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए।

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