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रक्षा करो मेरे राम(Raksha Karo Mere Ram)

रक्षा करो मेरे राम,

रक्षा करों मेरे राम,

मन की लगी है तुमसे ही भगवन,

मन की लगी है तुमसे ही भगवन,

पूजूँ तुम सुबह शाम,

रक्षा करो मेरे राम,

रक्षा करो मेरें राम ॥


मन में यकीं है ये सदा,

छूटे ना द्वार तुम्हारा,

नाता जुड़ा तुमसे मेरा,

तुम ही हो मेरा सहारा,

प्राणो की सांसे तुमसे ही भगवन,

बिगड़े बने सारे काम,

रक्षा करो मेरें राम,

रक्षा करो मेरें राम ॥


शोभित सदा होता रहा,

रघुवर तुम्हारा ही द्वारा,

धरती गगन गूंजे सदा,

भजनों से संसार सारा,

जयकारो से गूंजे ये दुनिया,

जयकारो से गूंजे ये दुनिया,

गूंजे गगन तेरा नाम,

रक्षा करो मेरें राम,

रक्षा करो मेरें राम ॥


डूबे रवि लाली लिए,

सरयू नदी का किनारा,

चलती पवन चमके नयन,

इस पल में मन को संवारा,

इस जीवन की महकी है बगिया,

इस जीवन की महकी है बगिया,

जीवन किया तेरे नाम,

रक्षा करो मेरें राम,

रक्षा करो मेरें राम ॥


फैली किरण महके सुमन,

दीपों सा फैले उजाला,

मदिर सजे आँगन सजे,

हर्षित हुआ दिल हमारा,

मन मेरा मंदिर मूरत है तेरी,

मन मेरा मंदिर मूरत है तेरी,

ये जग बना तेरा धाम,

रक्षा करो मेरें राम,

रक्षा करो मेरें राम ॥


रक्षा करो मेरे राम,

रक्षा करों मेरे राम,

मन की लगी है तुमसे ही भगवन,

मन की लगी है तुमसे ही भगवन,

पूजूँ तुम सुबह शाम,

रक्षा करो मेरें राम,

रक्षा करो मेरें राम ॥

आओ बालाजी, आओं बालाजी (Aao Balaji Aao Balaji)

आओ बालाजी,
आओं बालाजी,

डोल ग्यारस 2024: भगवान श्रीकृष्ण की जलवा पूजन से जुड़ा है ये त्योहार, जानें इस दिन का महत्व और पूजा विधि

यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान श्री कृष्ण की पूजा और उत्सव के लिए मनाया जाता है।

श्री झूलेलाल चालीसा (Shri Jhulelal Chalisa)

जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।
अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥

वायुदेव की पूजा विधि क्या है

सनातन धर्म में वायु देवता बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वेदों में इनका कई बार वर्णन मिलता है और इन्हें भीम का पिता और हनुमान के आध्यात्मिक पिता माना जाता है। वायु पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) में से एक है और इसे जीवन का आधार माना जाता है।