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रमतो भमतो जाय, आज माँ नो गरबो(Ramto Bhamto Jay Aaj Maa No Garbo)

रमतो भमतो जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

पवन झपाटा खाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥


माँ ना गरबा मा नवलख तारला,

माँ ना गरबा मा नवलख तारला,

अम्बिका ने माथे सुहाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥


इरे गरबो चवद ब्रम्हांड फरतो,

इरे गरबो चवद ब्रम्हांड फरतो,

जल हल जल हलकाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥


वाया वाया रे काई तोफानी बायरा,

वाया वाया रे काई तोफानी बायरा,

तोये ना जाखो थाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥


चाँदा सूरज नि ज्योतु रे जलती,

चाँदा सूरज नि ज्योतु रे जलती,

समदर ना दिविल क़ुराय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥


रमतो भमतो जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

पवन झपाटा खाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

रमतों भमतों जाय,

आज माँ नो गरबो रमतो जाय ॥


माँ दिल के इतने करीब है तू(Maa Dil Ke Itne Kareeb Hai Tu)

माँ दिल के इतने करीब है तू,
जिधर भी देखूं नज़र तू आए,

अन्वाधान पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में त्योहारों का विशेष महत्व है। हर त्योहार अपनी पौराणिक कथाओं और परंपराओं के कारण अद्वितीय स्थान रखता है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है 'अन्वाधान’, जिसे वैष्णव सम्प्रदाय विशेष रूप से मनाता है।

होलिका दहन पूजा विधि

होली का त्योहार एकता, आनंद और परंपराओं का एक भव्य उत्सव है। इसलिए, इसकी धूम पूरी दुनिया में है। दिवाली के बाद यह दूसरे सबसे महत्वपूर्ण त्योहार के रूप में जाना जाता है।

मैं लाडली शेरोवाली की: भजन (Main Ladli Sherowali Ki)

मैं कितना अधम हूँ,
ये तुम ही जानो,

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