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तेरे चरण कमल में श्याम(Tere Charan Kamal Mein Shyam)

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥


नित नित तेरा दर्शन पाऊ,

हर्ष हर्ष के हरी गुण गाऊ ,

मेरी नस नस बस जाऊ श्याम ,

बरस जाओ रस बनके,


तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥


छिन छिन* तेरा सुमरण हॉवे,

हर पल तुज्पे अरपन हॉवे,

हरी सब दिन आठो याम,

रुके मन के मनके,


तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥

नरसिंह द्वादशी व्रत विधि

नरसिंह द्वादशी सनातनियों का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह को समर्पित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपने प्रिय भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने रौद्र रूप में अवतार लिया था, जिन्हें लोग आज नरसिंह भगवान के रूप में पूजते हैं।

मैय्या तेरी जय जयकार (Maiya Teri Jai Jaikaar)

तेरी गोद में सर है, मैय्या
अब मुझको क्या डर है, मैय्या

राम को मांग ले मेरे प्यारे (Ram Ko Maang Le Mere Pyare)

राम को मांग ले मेरे प्यारे
उम्र भर को सहारा मिलेगा

बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा (Bihari Braj Mein Ghar Mera Basa Doge To Kya Hoga)

बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा,
बसा दोगे तो क्या होगा, बसा दोगे तो क्या होगा,

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