बीच भंवर में फसी मेरी नैया (Beech Bhawar Mein Fasi Meri Naiya)

बीच भंवर में फसी मेरी नैया,

तुम्ही हो खिवैया माँ,

तुम्ही हो खिवैया ॥


तेरा ही भरोसा माँ,

तेरा ही सहारा,

तुम्ही को पुकारा माँ,

तुम्ही को पुकारा,

तेरे ही भरोसे पे,

चले मेरी नैया,

तुम्ही हो खिवैया माँ,

तुम्ही हो खिवैया ॥


बडी तेज आंधी,

तूफानों ने घेरा,

बता कुन है मेरा माँ,

यहाँ कुन है मेरा,

खड़ी क्या हुई के,

चली आ तू मैया,

तुम्ही हो खिवैया माँ,

तुम्ही हो खिवैया ॥


सुनी जब भगत की,

झट दौड़ी आई,

पतवार हाथों ले,

किनारे लगाई,

बडी ही दयालु है,

‘प्रवीण’ मेरी मैया,

तुम्ही हो खिवैया माँ,

तुम्ही हो खिवैया ॥


बीच भंवर में फसी मेरी नैया,

तुम्ही हो खिवैया माँ,

तुम्ही हो खिवैया ॥

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मैया अम्बे मैया, लाल तेरा घबराये (Maiya Ambe Maiya Lal Tera Ghabraye)

मैया अम्बे मैया,
लाल तेरा घबराये हर पल तुझे बुलाये ॥

रुक्मिणी अष्टमी पूजा विधि

सनातन धर्म के लोगों की भगवान कृष्ण से खास आस्था जुड़ी है। कृष्ण जी को भगवान विष्णु का ही एक अवतार माना जाता है, जो धैर्य, करुणा और प्रेम के प्रतीक हैं।

शरण हनुमत की जो आया (Sharan Hanumat Ki Jo Aaya)

शरण हनुमत की जो आया,
उसे पल में संभाला है,

तेरी चौखट पे ओ बाबा, जिंदगी सजने लगी(Teri Chaukhat Pe O Baba Zndagi Sajne Lagi)

तेरी चौखट पे ओ बाबा,
जिंदगी सजने लगी,

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