भोले के नाम का प्याला पिएंगे: शिव भजन (Bhole Ke Naam Ka Pyala Piyege)

भोले के नाम का प्याला पिएंगे,

भोले के नाम का जप हम करेंगे,

मस्ती में झूमेंगे नाचे गाएंगे,

जब भी भोले मेरे डमरू बजायेंगे ॥


ओ दीवाने ओ मस्ताने,

भोले की ताक़त को तू ना जाने,

जो भी बने भोले के दीवाने,

दुनिया उसे साधु संतो में जाने,

भोले भोले मेरे भोले भोले मेरे,

भोले भोले मेरे भोले भोले ॥


माथे अर्ध चन्द्रमा साजे,

जिसके गले में नाग बिराजे,

भूत प्रेत हो या कोई भी शक्ति,

कुछ भी नहीं है मेरे भोले के आगे,

भोले भोले मेरे भोले भोले मेरे,

भोले भोले मेरे भोले भोले ॥


जो धरती अम्बर को हिला दे,

जिसका जूनून समंदर उछाले,

जिसका त्रिशूल है इतना भयंकर,

अच्छे अच्छो के इसने प्राण निकाले,

भोले भोले मेरे भोले भोले मेरे,

भोले भोले मेरे भोले भोले ॥

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तेरी चौखट पे ओ बाबा, जिंदगी सजने लगी(Teri Chaukhat Pe O Baba Zndagi Sajne Lagi)

तेरी चौखट पे ओ बाबा,
जिंदगी सजने लगी,

गुरु बिन घोर अँधेरा संतो (Guru Bina Ghor Andhera Re Santo)

गुरु बिन घोर अँधेरा संतो,
गुरु बिन घोर अँधेरा जी ।

जानें त्रिपुर भैरवी की महिमा

हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा के दिन मां भगवती त्रिपुर भैरवी की जयंती मनाई जाती है। यह दिन मां त्रिपुर भैरवी की उत्पत्ति के रूप में मनाया जाता है जो शक्ति और साधना की प्रतीक हैं।

शिव पूजा विधि

सर्वप्रथम पहले की तरह आचमन कर पवित्री धारण करे। अपने ऊपर और पूजा-सामग्री पर जल का प्रोक्षण करे।

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