दर्शन को तेरे आया(Darshan Ko Tere Aaya )

दर्शन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


तुम ही मेरे हो लंबोदर,

आस ना कोई दूजा,

अपनी किरपा रखना स्वामी,

मन से की है पूजा,

मंदिर में तेरे आके देवा,

लडुवन भोग लगाके,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


ना कोई बंधन जगत का कोई,

पहरा ना लग पाए,

सब बाधाएं दूर है होती,

शरण जो तेरी आये,

गजमुख देव छवि ये तेरी,

मन में इसे बिठाके,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


तेरा ही मुख देख गणेशा,

रात को मैं सो जाऊं,

भोर भये जब आंख खुले तो,

तेरे दर्शन पाऊं,

शिव के पुत्र दुलारे तुम हो,

भक्तो के भी प्यारे,

दर्शंन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥


दर्शन को तेरे आया,

सब देव तेरी माया,

पूजा करेंगे तेरी,

सेवा करेंगे तेरी ॥

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सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप की(Sari Duniya Hai Diwani Radha Rani Aapki)

सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की,

शंकर दयालु दूसरा, तुमसा कोई नहीं (Shankar Dayalu Dusra Tumsa Koi Nahi)

शंकर दयालु दूसरा,
तुमसा कोई नहीं,

तेरे द्वार पे आने वालो ने, क्या अजब नज़ारा देखा है (Tere Dawar Pe Aane Walon Ne Kya Ajab Nazara Dekha Hai)

तेरे द्वार पे आने वालो ने,
क्या अजब नज़ारा देखा है,

स्कंद षष्ठी पारण विधि

हर माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का पर्व मनाया जाता है। स्कंद देव यानी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय की पूजा की जाती हैं।

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