दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ(Dedo Apni Pujarin Ko Vardan Maa)

दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ,

मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु,

मुझसे हो न जुदा मेरा भगवान माँ,

मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु ॥


मैं दिन रात तुमसे यही मांगती,

साया सिर पे रहे मेरे सरताज का,

और इस के सिवा कुछ नहीं मांगती,

बस यही इक दिल में है अरमान माँ ।

दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ ॥


कोई मंदिर सजे न बिना मूर्ति ,

बिन खवैया के नैया है किस काम की,

इस बगियाँ का माली सलामत रहे,

माला जपती रहूँ मैं तेरे नाम की ।

दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ ॥


मेरे जीवन का मालिक है जो देवता,

उम्र मेरी भी उस को लगा देना माँ,

उनकी सांसो में सांसे ये घुलती रहे,

दिल से मुझको यही बस दुआ देना माँ,

तेरा होगा बड़ा ही एहसान माँ ।

दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ ॥


दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ,

मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु ,

मुझसे हो न जुदा मेरा भगवान माँ,

मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु ॥

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बसंत पंचमी पूजा विधि

बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन विधिपूर्वक मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस साल बसंत पंचमी 2 फरवरी को मनाई जाएगी।

तुम राम के पुजारी, हो बाल ब्रम्हचारी(Tum Ram Ke Pujari Ho Bal Brahmachari)

तुम राम के पुजारी,
हो बाल ब्रम्हचारी,

Subah Savere Lekar Tera Naam Prabhu (सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु)

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु,
करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु ।

करता है तू बेड़ा पार (Karta Hai Tu Beda Paar)

कोई जब राह ना पाए,
शरण तेरी आए,

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