गौरी के लाड़ले (Gauri Ke Ladle)

गौरी के लाड़ले,

महिमा तेरी महान,

करता है सबसे पहले,

पूजा तेरी जहान,

गौरी के लाडले,

महिमा तेरी महान ॥


चंदन चौकी पे बिराजे,

दाता गजशिश धारी,

शीश स्वर्ण मुकुट,

गले मोतियन माला प्यारी,

रिद्धि सिद्धि अंग संग,

छवि सबसे है न्यारी,

भोग लड्डुवन का लगे,

करे मूसे की सवारी,

पुरे हो काम तब ही,

पहले तुम्हारा ध्यान,

गौरी के लाडले,

महिमा तेरी महान ॥


माता गौरी जी के लाल,

शिव भोले के दुलारे,

रखे भक्तो की लाज,

काज बिगड़े सवारे,

अन्न धन ज्ञान मान,

से वो भरते भंडारे,

तेरा नाम सरल,

जो भी मन से पुकारे,

बिन मांगे लख्खा पाए,

मुंह माँगा तुमसे दान,

गौरी के लाड़ले,

महिमा तेरी महान,

करता है सबसे पहले,

पूजा तेरी जहान,

गौरी के लाडले,

महिमा तेरी महान ॥

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बूटी ले आओ हनुमान प्यारे (Buti Le Aao Hanuman Pyare)

बूटी ले आओ हनुमान प्यारे,
मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना,

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि , Mahishasuramardini Stotram - Aayi Girinandini

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।

प्रदोष व्रत पर क्या करें या न करें

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए किया जाता है। यह व्रत प्रत्येक महीने में दो बार, त्रयोदशी तिथि को (स्नान, दिन और रात के समय के अनुसार) किया जाता है, एक बार शुक्ल पक्ष में और दूसरी बार कृष्ण पक्ष में।

आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है (Aaj To Guruwar hai, Sadguru Ka War Hai)

आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है।
गुरुभक्ति का पी लो प्याला, पल में बेड़ा पार है ॥

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