बूटी ले आओ हनुमान प्यारे (Buti Le Aao Hanuman Pyare)

बूटी ले आओ हनुमान प्यारे,

मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना,

डूबती तेरे राम की नैया,

बाला तू आके पार लगाना,

बुटी ले आओ हनुमान प्यारे,

मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना ॥


था जो भैया भैया मुझको कहता,

आज भूमि पे मूर्छित पड़ा है,

आँखे खोले ना कुछ बात बोले,

जाने कैसी ये जिद पे अड़ा है,

तूने भगवान मुझको है माना,

भक्ति का फर्ज बाला निभाना,

बुटी ले आओ हनुमान प्यारे,

मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना ॥


माँ सुमित्रा ने मुझसे कहा था,

तुम तीनो ही साथ में आना,

राम सेवा में तेरी लाल मेरा,

सकुशल ही मुझे तू लौटना,

मैया को मुंह मैं कैसे दिखाऊं,

मेरे हनुमत तू मुझको बताना,

बुटी ले आओ हनुमान प्यारे,

मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना ॥


देर अब और लाओ ना हनुमत,

लेकर संजीवन अब तो आ जाओ,

होने वाली है भोर ओ प्यारे,

प्राणो का संकट आके मिटाओ,

तुम हो भक्ति के चन्दन ओ बाला,

वादा अपना नहीं भूल जाना,

बुटी ले आओ हनुमान प्यारे,

मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना ॥


बूटी ले आओ हनुमान प्यारे,

मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना,

डूबती तेरे राम की नैया,

बाला तू आके पार लगाना,

बुटी ले आओ हनुमान प्यारे,

मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना ॥

........................................................................................................
नित नयो लागे साँवरो (Nit Nayo Lage Sanvaro)

नित नयो लागे साँवरो,
इकि लेवा नज़र उतार,

होली पर मां लक्ष्मी की पूजा विधि

होली का हर पल जीवन के लिए एक संदेश लेकर आता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में कभी भी आर्थिक तंगी नहीं आती है। इस साल होली 14 मार्च को मनाई जा रही है। 14 मार्च को शुक्रवार है। शुक्रवार को देवी लक्ष्मी का दिन माना जाता है। इस दिन वैभव लक्ष्मी व्रत भी रखा जाता है।

ऋषि पंचमी पर जानें क्या है पुजा का शुभ मुहुर्त और इस दिन का महत्व

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला ऋषि पंचमी पर्व हमारे जीवन में पवित्रता और ज्ञान का संगम है।

छठ पूजा विधि

छठ पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो सूर्य देव और छठी मैया की पूजा के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार पूरे भारत में मनाया जाता है लेकिन बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में इसका विशेष महत्व है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने