हे दयामय आप ही संसार के आधार हो (Hey Dayamay Aap Hi Sansar Ke Adhar Ho)

हे दयामय आप ही संसार के आधार हो।

आप ही करतार हो हम सबके पालनहार हो॥


जन्म दाता आप ही माता पिता भगवान हो।

सर्व सुख दाता सखा भ्राता हो तन धन प्राण हो॥


आपके उपकार का हम ऋण चुका सकते नहीं।

बिन कृपा के शांति सुखका सार पा सकते नहीं॥


दीजिये वह मति बने हम सदगुणी संसार में।

मन हो मंजुल धर्मं मय और तन लगे उपकार में॥


हे दयामय आपका हमको सदा आधार हो।

आपके भक्तों से ही भरपूर यह परिवार हो॥


छोड़ देवें काम को और क्रोध को मद लोभ को।

शुद्ध और निर्मल हमारा सर्वदा आचार हो।


प्रेम से मिल मिल के सारे गीत गायें आपके।

मन में बहता आपका ही प्रेम पारावार हो॥


जय पिता जय जय पिता, हम जय तुम्हारी गा रहे॥

रात दिन घर में हमारे आपकी जयकार हो॥


धन धान्य घर में जो सभी कुछ, आप का ही है दिया।

उसके लिये प्रभु आपको धन्यवाद सौ सौ बार हो॥

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बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया (Brindavan Ka Krishan Kanhaiya Sabki Aankhon Ka Tara)

बृन्दावन का कृष्ण कन्हैया
सब की आँखों का तारा

श्रीरामरक्षास्तोत्रम् (Shriramarakshastotram)

अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषि: श्रीसीतारामचन्द्रो देवता अनुष्टुप् छन्द: सीता शक्ति: श्रीमद्हनुमान् कीलकम् श्रीसीतारामचन्द्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोग:॥

नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है(Naam Meri Radha Rani Ka Jis Jis NeGaya Hai)

नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है,
बांके बिहारी ने उसे अपना बनाया है,

जय गणेश जय गजवदन, कृपा सिंधु भगवान (Jai Ganesh Jai Gajvadan Kripa Sindhu Bhagwan)

जय गणेश जय गजवदन,
कृपा सिंधु भगवान ।

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