जय हो शिव भोला भंडारी (Jai Ho Shiv Bhola Bhandari Lela Aprampar Tumhari Bhajan)

जय हो शिव भोला भंडारी,

लीला अपरंपार तुम्हारी,

लेके नाम, तेरा नाम,

तेरे धाम आ गए,

तेरे भक्त पे संकट भारी,

रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,

लेके नाम, तेरा नाम,

तेरे धाम आ गए,

॥ जय हो शिव भोला भंडारी...॥



मेरी विनती सुनो हे अवनाशी,

किरपा करदो प्रभु घट-घट वासी,

अब तो लेलो खबर हमारी,

तुम हो भक्तो के हितकारी,

लेके नाम, तेरा नाम,

तेरे धाम आ गए,

॥ जय हो शिव भोला भंडारी...॥


मेरी नैया फसी प्रभु मझधार में,

कोई तुमसा दयालु न संसार में,

माना पतित बड़ा भारी,

भोले आप हो मंगलकारी,

लेके नाम, तेरा नाम,

तेरे धाम आ गए,

॥ जय हो शिव भोला भंडारी...॥


आप के चरणों की धूल जो पाएंगे,

सारे बदल वो दुःख के झट जायेगे,

तूने उसकी बिपदा टाली,

आया शरण जो नाथ तुम्हारी,

लेके नाम, तेरा नाम,

तेरे धाम आ गए,


जय हो शिव भोला भंडारी,

लीला अपरंपार तुम्हारी,

लेके नाम, तेरा नाम,

तेरे धाम आ गए,

तेरे भक्त पे संकट भारी,

रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,

लेके नाम, तेरा नाम,

तेरे धाम आ गए


शिव चालीसा | लिङ्गाष्टकम् | शिव आरती | शिव भजन | शिव पंचाक्षर स्तोत्र | द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र

........................................................................................................
पहली बार गणगौर व्रत कैसे करें

गणगौर व्रत हिंदू धर्म में महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है, इसे विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए करती हैं।

बिना राम रघुनंदन के, कोई नहीं है अपना रे (Bina Ram Raghunandan Ke Koi Nahi Hai Apna Re)

बिना राम रघुनंदन के,
कोई नहीं है अपना रे,

लाल ध्वजा लहराये रे, मैया तोरी ऊंची पहड़ियान (Lal Dhwaja Lahraye Re Maiya Teri Unchi Pahadiya)

लाल ध्वजा लहराये रे,
मैया तोरी ऊंची पहड़िया ॥

मने अच्छा लागे से(Manne Acha Laage Se)

सिया राम जी के चरणों के दास बाला जी,
भक्तों के रहते सदा पास बाला जी,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने