जय जय गणराज मनाऊँ (Jai Jai Ganraj Manaun )

जय जय गणराज मनाऊँ,

चरणों में शीश नवाऊं,

जब तक सांसे हैं तन में,

तेरा ही ध्यान लगाऊं,

गजानन्द जी हमारे घर आओ,

बुलाते है चले आओ ॥


बड़े भाग हमारे बाबा,

जो शुभ दिन ये आया है,

बैठे है तुम्हारे दर पर,

प्रभु तेरी ही माया है,

हमने प्रभु आस लगाई,

चंदन चौकी बिछवाई,

रूखे सूखे फल मेवा,

निज मन की ज्योत जलाई,

गजानन्द जी हमारे घर आओ,

बुलाते है चले आओ ॥


देवो के महाराजा,

तुम जल्दी से आ जाना,

रिद्धि सिद्धि संग बाबा,

शिव गौरा को ले आना,

ब्रह्मा विष्णु को लाना,

संग रामसिया को लाना,

राधे कृष्णा गोकुल से,

हनुमान को भी बुलवाना,

गजानन्द जी हमारे घर आओ,

बुलाते है चले आओ ॥


शुभ अवसर आंगन में,

सब विघ्न हरो हे देवा,

आकर मंगल कर दो,

हम करते तेरी सेवा,

जो भी आशा है मन में,

आकर पूरी अब कर दो,

खोया है ‘मुकेश’ भजन में,

उसकी पीड़ा सब हर दो,

गजानन्द जी हमारे घर आओ,

बुलाते है चले आओ ॥


जय जय गणराज मनाऊँ,

चरणों में शीश नवाऊं,

जब तक सांसे हैं तन में,

तेरा ही ध्यान लगाऊं,

गजानन्द जी हमारे घर आओ,

बुलाते है चले आओ ॥

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मेरा श्याम बड़ा अलबेला (Mera Shyam Bada Albela)

मेरा श्याम बड़ा अलबेला,
मेरी मटकी में मार गया ढेला,

मंत्र जाप का सही समय

हिंदू धर्म में मंत्र जाप को आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम माना जाता है। मंत्र जाप से ना सिर्फ मानसिक शांति प्राप्त होती है। बल्कि, यह साधक को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति से भी परिपूर्ण कर देता है।

Heri Sakhi Mangal Gavo Ri..(हेरी सखी मंगल गावो री..)

चोख पुरावो, माटी रंगावो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे

भीष्म अष्टमी के अचूक उपाय

हर साल माघ महीने में भीष्म अष्टमी मनाई जाती है। इसे एकोदिष्ट श्राद्ध भी कहा जाता है। एकोदिष्ट श्राद्ध कोई भी व्यक्ति कर सकता है। एकोदिष्ट श्राद्ध करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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