झुमर झलके अम्बा ना, गोरा गाल पे रे(Jhumar Jhalke Amba Na Gora Gaal Pe Re)

झूमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे,

गोरा गाल पे रे,

लम्बा बाल पे रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

कुम्हारा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

दीवड़ा लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

सोनीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

झांझरिया लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

जोशीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

चुंदड़ी लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

मालीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

गजरा लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

ढोलीड़ा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

ढोल वगाडजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


ऐ भई रे भई रे,

वणजारा तने विनवु रे,

म्हारी माता सारू,

चुड़ला लई आवजो रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥


झूमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे,

गोरा गाल पे रे,

लम्बा बाल पे रे,

झुमर झलके अम्बा ना,

गोरा गाल पे रे ॥

........................................................................................................
राम के नाम का झंडा लेहरा है (Ram Ke Nam Ka Jhanda Lehra Hai)

राम के नाम का झंडा लहरा है ये लहरे गा
ये त्रेता में फहरा है कलयुग में भी फहरे गा ।

क्या कुंवारी लड़कियां भी कर सकती हैं प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है। यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि, मनोकामना पूर्ति और कष्टों के निवारण का प्रतीक है। कुंवारी लड़कियों के लिए यह व्रत विशेष रूप से लाभकारी माना है।

Mann Mein Basakar Teri Murti (मन में बसाकर तेरी मूर्ति)

मन में बसाकर तेरी मूर्ति,
उतारू में गिरधर तेरी आरती ॥

नए ऑफिस की पूजा विधि

नया ऑफिस हर व्यवसाय और व्यक्ति के लिए एक बड़ा कदम होता है। जब कोई नया ऑफिस खोलता है, तो वह निश्चित रूप से चाहता है कि उसका व्यापार फले-फूले और उसे अधिक लाभ मिले। हिंदू धर्म में मान्यता है कि किसी भी नए कार्य की शुरुआत से पहले भगवान का आशीर्वाद लेना शुभ होता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने