जो भजे हरि को सदा (Jo Bhaje Hari Ko Sada)

जो भजे हरि को सदा,

जो भजे हरि को सदा,

सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा


देह के माला,

तिलक और भस्म,

नहिं कुछ काम के

प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा


सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा

जो भजे हरि को सदा,

जो भजे हरि को सदा,

सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा


दिल के दर्पण को,

सफ़ा कर,

दूर कर अभिमान को

खाक हो,

गुरु के चरण की,

तो प्रभु मिल जायेगा


सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा

जो भजे हरि को सदा,

जो भजे हरि को सदा,

सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा


छोड़ दुनिया के,

मज़े और बैठ,

कर एकांत में

ध्यान धर,

हरि के चरण का,

फिर जनम नहीं पायेगा


सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा

जो भजे हरि को सदा,

जो भजे हरि को सदा,

सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा


दृढ़ भरोसा,

मन में रख कर,

जो भजे हरि नाम को

कहत ब्रह्मानंद,

ब्रह्मानंद में ही समायेगा


सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा

जो भजे हरि को सदा,

जो भजे हरि को सदा,

सोहि परम पद पायेगा


सोहि परम पद पायेगा

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मन लेके आया माता रानी के भवन में (Man Leke Aaya Mata Rani Ke Bhawan Mein)

मन लेके आया,
माता रानी के भवन में
बड़ा सुख पाया

श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥

नर्मदा जयंती उपाय

गंगा नदी की तरह ही मां नर्मदा को भी बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना गया है। भारत में छोटी-बड़ी 200 से अधिक नदियां हैं, जिसमें पांच बड़ी नदियों में नर्मदा भी एक है। इतना ही नहीं, मान्यता है कि नर्मदा के स्पर्श से ही पाप मिट जाते हैं। इसलिए, प्रतिवर्ष माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को नर्मदा जयंती मनाई जाती है।

मार्च 2025 व्रत-त्योहार

मार्च का महीना वसंत ऋतु की ताजगी और खुशबू लेकर आता है। इस समय प्रकृति में नया जीवन और उत्साह का संचार होता है। इस माह में कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं। आपको बता दें, होली मार्च महीने का सबसे प्रमुख त्योहार है।

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