कण-कण में है राम समाया, जान सके तो जान (Kan Kan Me Hai Ram Samaya Jan Sake Too Jan)

मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥


मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥


एक ईश्वर की खातिर,

लाखो मंदिर अच्छे-अच्छे,

कड़ी धुप में छाया खातिर,

बिलख रहे है बच्चे,

उसके अंदर बोल रहे प्रभु,

उसको तो पहचान ॥


मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥


पत्थर पे हो नाम हमारा,

करे दिखावा दान,

दरिद्र बन के जांच रहा है,

नारायण भगवान,

लेके कटोरा हाथ फैलाये,

उधर करो कुछ ध्यान ॥


मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥


फणी है ईश्वर,

अंदर आकर बैठा प्राण,

बाहर तू गंगाजल चढ़ावे,

अंदर मदिरा-पान,

रोज हो रहा तेरे हाथों,

ईश्वर का अपमान ॥


मंदिर-मंदिर जाकर प्राणी,

ढूंढ रहा भगवान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान,

कण-कण में है राम समाया,

जान सके तो जान ॥

........................................................................................................
मेरे राम इतनी किरपा करना, बीते जीवन तेरे चरणों में(Mere Ram Itni Kripa Karna Beete Jeevan Tere Charno Me)

मेरे राम इतनी किरपा करना,
बीते जीवन तेरे चरणों में ॥

मकर संक्रांति में किन राशियों को होगा फायदा

ज्योतिष शास्त्र में मंगल और गुरू दोनों महत्वपूर्ण ग्रह माने गए हैं। अब मकर संक्रांति के दिन दोनों ही अर्द्ध केंद्र योग बनाने वाले हैं। ये ग्रह जिन पर भी मेहरबान हो जाते हैं, उनकी किस्मत को रातों रात बदल सकते हैं।

झूलेलाल जयंती 2025 कब है

चेटीचंड, सिंधी समुदाय के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह पर्व चैत्र शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है, जिसे सिंधी नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं (Achyutam Keshavam Krishna Damodaram)

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।