कितने दिनों के बाद है आई, भक्तो रात (Kitne Dino Ke Baad Hai Aayi Bhakto Raat)

कितने दिनों के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की,

अब आ भी जा माँ,

आस लगाई आई,

भक्तो रात भजन की ॥


सूरज चाँद सितारे हरदम,

तेरा माँ गुण गाते,

दूर दूर से भक्त माँ तेरे,

दर्शन पाने आते,

तेरे चरणों में माँ,

ज्योत जलाई आई,

भक्तो रात भजन की,

कितने दिनो के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की ॥


दुखियों का दुःख दूर करे माँ,

दुष्टों का संहार करे,

जो माँ को श्रद्धा से ध्याये,

माँ उसका उद्धार करे,

सच कहती हूँ है ये,

ममता की माई आई,

भक्तो रात भजन की,

कितने दिनो के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की ॥


इस जग में सबकुछ है पराया,

झूठी है सब माया,

धूल जाते है पाप सभी जब,

माँ का दर्शन पाया,

बस दर्शन पाले तेरा,

शेरावाली माई आई,

भक्तो रात भजन की,

कितने दिनो के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की ॥


कितने दिनों के बाद है आई,

भक्तो रात भजन की,

अब आ भी जा माँ,

आस लगाई आई,

भक्तो रात भजन की ॥

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माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो(Maa Ho To Aisi Ho Aisi Ho)

हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो
ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो

जैसे होली में रंग, रंगो में होली (Jaise Holi Mein Rang Rango Mein Holi)

जैसे होली में रंग,
रंगो में होली

कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि(Ki Ban Gaye Nandlal Lilihari)

कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि,
री लीला गुदवाय लो प्यारी ।

कब है सोमवती अमावस्या

अमावस्या तिथि प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है। इस तिथि का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन स्नान-दान करने से पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।

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