मेरा कोई न सहारा बिन तेरे (Mera Koi Na Sahara Bin Tere)

मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,

ओ शिव शंकर मेरे,

ओ भोले बाबा मेरे,

मैं तो जनम जनम भटका हूँ,

जगा दे अब भाग्य मेरे,

ओ शिव शंकर मेरे ॥


छोड़ दुनिया के सारे झूठे नाते,

भोले मैं तेरे द्वार आ गया,

मैं तो दुनिया के दुखो से हूँ हारा,

मैं तो दुनिया के दुखो से हूँ हारा,

मिटा दे सब दुःख मेरे,

ओ शिव शंकर मेरे,

ओ भोले बाबा मेरे ॥


मेरे पांवो में पड़े है देखो छाले,

तेरे दर आते आते,

तेरा मंदिर तो मेरा है द्वारा,

तेरा मंदिर तो मेरा है द्वारा,

लगाने आया मैं हूँ डेरे,

ओ शिव शंकर मेरे,

ओ भोले बाबा मेरे ॥


तेरे चरणों में जीवन बीते,

यही है विनती मेरी,

मेरी विनती स्वीकार तू करना,

मेरी विनती स्वीकार तू करना,

हे शिव शंकर मेरे,

ओ शिव शंकर मेरे,

ओ भोले बाबा मेरे ॥


मेरा कोई न सहारा बिन तेरे,

ओ शिव शंकर मेरे,

ओ भोले बाबा मेरे,

मैं तो जनम जनम भटका हूँ,

जगा दे अब भाग्य मेरे,

ओ शिव शंकर मेरे ॥

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मां के दिल जैसा दुनिया में कोई दिल नहीं

दिल दिल दिल दिल दिल..माँ का दिल
दिल दिल दिल..माँ का दिल दिल दिल

अब दया करो हे भोलेनाथ (Ab Daya Karo He Bholenath)

अब दया करो हे भोलेनाथ,
मस्त रहूं तेरी मस्ती में,

चैत्र मासिक कृष्ण जन्माष्टमी

मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है, जो भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को जन्मे थे।

श्री शिवरामाष्टकस्तोत्रम्

शिवहरे शिवराम सखे प्रभो,त्रिविधताप-निवारण हे विभो।
अज जनेश्वर यादव पाहि मां,शिव हरे विजयं कुरू मे वरम्॥

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