शिव शंकर भोलेनाथ, तेरा डमरू बाजे पर्वत पे (Shiv Shankar Bholenath Tera Damru Baje Parvat Pe)

शिव शंकर भोलेनाथ,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

शिवशंकर भोलेनाथ ओ नाथ,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे ॥


तेरा नीलकंठ पे धाम बना,

जहाँ सबका बिगड़ा काम बना,

तेरा नीलकंठ पे धाम बना,

जहाँ सबका बिगड़ा काम बना,

सारे जग की रखले बात,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

शिवशंकर भोलेनाथ ओ नाथ,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे ॥


तेरे जैसा औघड़ दानी ना,

तेरे जैसा कोई वरदानी ना,

तेरे जैसा औघड़ दानी ना,

तेरे जैसा कोई वरदानी ना,

मेरे भोले पिता मात,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

शिवशंकर भोलेनाथ ओ नाथ,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे ॥


तेरा सबसे रूप निराला है,

तू तो जोगी बड़ा मतवाला है,

तेरा सबसे रूप निराला है,

तू तो जोगी बड़ा मतवाला है,

तेरा पूजन हो दिन रात,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

शिवशंकर भोलेनाथ ओ नाथ,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे ॥


शिव शंकर भोलेनाथ,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे,

शिवशंकर भोलेनाथ ओ नाथ,

तेरा डमरू बाजे पर्वत पे ॥

........................................................................................................
श्री ललीता माता चालीसा (Shri Lalita Mata Chalisa)

जयति जयति जय ललिते माता! तव गुण महिमा है विख्याता ।
तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी! सुर नर मुनि तेरे पद सेवी।

बोल बम बम प्यारे बोल बम बम (Bol Bam Bam Pyare Bol Bam Bam)

बम बम बम बम बम बम बम बम,
जिंदगी में कुछ भी रहेगा नही गम,

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे (Namaste Sada Vatsale Matruṛbhume)

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे
त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम् ।

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी (Ab Naa Banegi Too Phir Na Banegi)

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने