शरण में हम तुम्हारे आ पड़े है (Sharan Mein Hum Tumhare Aa Pade Hai)

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े है,

ओ भोले तेरे द्वारे आ पड़े है,

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,

ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है ॥


भगत के दिल को यूँ ना तोड़ देना

निराशा कर प्रभु ना छोड़ देना,

बहुत ही गम के मारे आ पड़े है,

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,

ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है ॥


हमें भी अपनी सेवा में लगा लो,

चरण का अपने सेवक तुम बना लो,

जगत से बेसहारे आ पड़े है,

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,

ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है ॥


फसी है नाव ‘शर्मा’ की निकालो,

सहारा देके ‘लक्खा’ को बचा लो,

लो झोली को पसारे आ पड़े है,

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,

ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है ॥


शरण में हम तुम्हारे आ पड़े है,

ओ भोले तेरे द्वारे आ पड़े है,

शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं,

ओ बाबा तेरे द्वारे आ पड़े है ॥


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राम के नाम का झंडा लेहरा है (Ram Ke Nam Ka Jhanda Lehra Hai)

राम के नाम का झंडा लहरा है ये लहरे गा
ये त्रेता में फहरा है कलयुग में भी फहरे गा ।

शंकर तेरी जटा से बहती है गंग धारा (Shankar Teri Jata Se Behti Hai Gang Dhara)

शंकर तेरी जटा से,
बहती है गंग धारा

नर्मदा नदी की कथा

नर्मदा नदी पहाड़, जंगल और कई प्राचीन तीर्थों से होकर गुजरती हैं। वेद, पुराण, महाभारत और रामायण सभी ग्रंथों में इसका जिक्र है। इसका एक नाम रेवा भी है। माघ माह में शुक्ल पक्ष सप्तमी को नर्मदा जयन्ती मनायी जाती है।

माघ माह के जरूरी उपाय

अपने इष्ट देवता की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। हर व्यक्ति का कोई न कोई इष्ट देव होता है। कोई भगवान विष्णु को मानता है, तो कोई भगवान शिव को।

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