मेरे घर आयो शुभ दिन (Mere Ghar Aayo Shubh Din)

मेरे घर आयो शुभ दिन आज,

मंगल करो श्री गजानना ॥


आवो देवा करूँ मैं सेवा,

मोदक और धरूँ नित मेवा,

रिद्धि सिद्धि संग,

आवो महाराज,

मंगल करो श्री गजानना ॥


शुभ अवसर है मेरे आंगन,

विघ्न हरो सब सिद्धिविनायक,

करूं पूजा म्हे तो,

सवारो नी काज,

मंगल करो श्री गजानना ॥


प्रार्थना करते हैं हृदय से तुमको,

खुशियां खुशियां देना हमको,

तेरे चरणों में,

लाखों प्रणाम,

मंगल करो श्री गजानना ॥


मेरे घर आयो शुभ दिन आज,

मंगल करो श्री गजानना ॥


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हे मुरलीधर छलिया मोहन (Hey Muralidhar Chhaliya Mohan)

हे मुरलीधर छलिया मोहन,
हम भी तुमको दिल दे बैठे,

डमरू बजाए अंग भस्मी रमाए (Damru Bajaye Ang Bhasmi Ramaye)

डमरू बजाए अंग भस्मी रमाए,
और ध्यान लगाए किसका,

राम को देख कर के जनक नंदिनी (Ram Ko Dekh Ke Janak Nandini)

राम को देख कर के जनक नंदिनी,
बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी।

दिसंबर माह के व्रत, त्योहार

दिसंबर माह वर्ष का अंतिम महीना होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस महीने मार्गशीर्ष और पौष के कई व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे।

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