तेरे दरशन को गणराजा, तेरे दरबार आए है (Tere Darshan Ko Ganraja Tere Darbar Aaye Hai)

तेरे दर्शन को गणराजा ॥


दोहा – नसीब वालों को हे गणराजा,

तेरा दीदार होता है,

जिसपे होता है नजरेकरम,

उसका बेडा पार होता है ॥


तेरे दर्शन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है,

तेरे दरबार आए है,

तेरे दरबार आए है,

तेरे दरशन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है ॥


सुना है मैंने गणराया,

तुम्हे लड्डू ही भाते है,

सुना है मैंने गणराया,

तुम्हे लड्डू ही भाते है,

तुम्हारे भोग में भगवन,

हाँ लड्डू साथ लाए है,

तेरे दरशन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है ॥


तुम्हे दूर्वा सदा चढ़ती,

लोग ऐसा सदा करते,

तुम्हे दूर्वा सदा चढ़ती,

लोग ऐसा सदा करते,

बेल पाती के संग संग में,

हाँ दूर्वा हार लाए है,

तेरे दरशन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है ॥


तुम्हे वस्त्रों में पीताम्बर,

पहनते हमने देखा है,

तुम्हे वस्त्रों में पीताम्बर,

पहनते हमने देखा है,

की दरजी से भी सिलवाकर,

तुम्हारे वस्त्र लाए है,

तेरे दरशन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है ॥


सुना है ताजे फूलों के,

तुम्हे गजरे सुहाते है,

सुना है ताजे फूलों के,

तुम्हे गजरे सुहाते है,

बागों से ‘सुमन योगी’,

सुगन्धित फुल लाए है,

तेरे दरशन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है ॥


तेरे दर्शन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है,

तेरे दरबार आए है,

तेरे दरबार आए है,

तेरे दरशन को गणराजा,

तेरे दरबार आए है ॥

........................................................................................................
भोले के हाथों में, है भक्तो की डोर (Bhole Ke Hatho Mein Hai Bhakto Ki Dor)

भोले के हाथों में,
है भक्तो की डोर,

मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त

माघ मास में आने वाली अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए भारी संख्या में भक्त आते हैं।

मेरो राधा रमण गिरधारी (Mero Radha Raman Girdhaari)

मेरो राधा रमण गिरधारी,
गिरधारी श्याम बनवारी,

बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा (Bihari Braj Mein Ghar Mera Basa Doge To Kya Hoga)

बिहारी ब्रज में घर मेरा बसा दोगे तो क्या होगा,
बसा दोगे तो क्या होगा, बसा दोगे तो क्या होगा,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।