तुम जो कृपा करो तो, मिट जाये विपदा सारी(Tum Jo Kripa Karo To Mit Jaye Vipda Sari)

तुम जो कृपा करो तो,

मिट जाये विपदा सारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी,

तुम हो दया के सागर,

क्या बात है तुम्हारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी ॥


विघ्नौ को हरने वाले,

सुख शांति देने वाले,

मोह पाश काटते हो,

तुम भक्ति देने वाले,

तुमने रचाई श्रष्टि,

तुम ने ही है सवारा,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी ॥


तुम पहले पूजे जाते,

फ़िर काम बनते जाते,

आये शरण तिहारी,

मन चाहा फल है पाते,

मुझको गले लगा ले,

आया शरण तिहारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी ॥


लम्बे उदर में तुमने,

संसार है छिपाया,

सतगुण से है भरी हुई,

गणराज तेरी काया,

दुर्गुण पे सतगुणो सी,

ये मुस की सवारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी ॥


तुम जो कृपा करो तो,

मिट जाये विपदा सारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी,

तुम हो दया के सागर,

क्या बात है तुम्हारी,

ओ गौरी सूत गणराजा,

गणनायक गजमुख धारी ॥


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बसंत सम्पात 2025: महत्व और अनुष्ठान

रंग पंचमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे होली के पांचवें दिन मनाया जाता है। इसे बसंत महोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करने का महत्व बताया गया है।

धनदालक्ष्मी स्तोत्रम्

देवी देवमुपागम्य नीलकण्ठं मम प्रियम्।
कृपया पार्वती प्राह शंकरं करुणाकरम्॥

रिध्दि सिद्धि के दाता सुनो गणपति(Riddhi Siddhi Ke Data Suno Ganpati )

सारी चिंता छोड़ दो,
चिंतामण के द्वार,

हे गिरधर गोपाल लाल तू आजा मोरे आँगना (Hey Girdhar Gopaal Laal Tu Aaja More Angana)

हे गिरधर गोपाल लाल तू,
आजा मोरे आँगना,

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