मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी (Meri Vinti Yahi Hai Gaura Rani)

मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


तोड़े दुनिया के बंधन सारे,

मैं शिव की शरण आ गया,

मैं शिव की शरण आ गया,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


शिव नाम की माला फेरूं,

गौरा जी तेरा नाम सिमरु,

गौरा जी तेरा नाम सिमरु,

मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,

मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,

ये प्रीत सदा जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


भोले नाम का मैं जोगी बनके,

मगन रहूं भक्ति में,

मगन रहूं भक्ति में,

कहे वैरागी शिव वरदानी,

कहे वैरागी शिव वरदानी,

चरणों में तू बिठाए रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥


मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

जपूँ ओमकारा गौरा रानी,

शिवजी से हमें जोड़े रखना,

शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥

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क्यों खास है डोल पूर्णिमा

डोल पूर्णिमा का त्यौहार मुख्य रूप से बंगाल, असम, त्रिपुरा, गुजरात, बिहार, राजस्थान और ओडिशा में मनाया जाता है। इस दिन राधा-कृष्ण की मूर्ति को पालकी पर बिठाया जाता है और भजन गाते हुए जुलूस निकाला जाता है।

श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है (Shri Radhe Govinda Man Bhaj Le Hari Ka Pyara Naam Hai)

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गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्यारा नाम है ॥

2025 की पहली बैकुंठ एकादशी कब है

सनातन धर्म में बैकुंठ एकादशी का विषेश महत्व है। इस पवित्र दिन पर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को मृत्यु उपरांत बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।

खुल गया बैंक राधा, रानी के नाम का(Khul Gaya Bank Radha Rani Ke Naam Ka)

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