नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया नाथद्वारा सन्मुख होगा (Naam Hai Tera Krishna Kanhaiya)

नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया,

नाथद्वारा सन्मुख होगा,

तेरा दर्शन इतना सुन्दर,

तू कितना सुन्दर होगा,

तू कितना सुन्दर होगा ॥


जनम जनम की प्यासी अँखियाँ,

दर्शन से सुख पाऊं मैं,

तेरे चरण में मेरा ठिकाना,

और कही क्यों जाऊं मैं,

श्रीनाथ जी के शुभ नैनन में,

श्रीनाथ जी के शुभ नैनन में,

करुणा का सागर होगा,

तेरा दर्शन इतना सुन्दर,

तू कितना सुन्दर होगा,

तू कितना सुन्दर होगा ॥


मन-मोहिनी मूरत तेरी,

घट घट बसिया श्याम तू ही,

मन मंदिर में मोहन तू ही,

रोम रोम में श्याम तू ही,

साँसों में मेरी बंसी बजाये,

साँसों में मेरी बंसी बजाये,

वो नटवर नागर होगा,

तेरा दर्शन इतना सुन्दर,

तू कितना सुन्दर होगा,

तू कितना सुन्दर होगा ॥


यमुना तट पर बंशीवट पर,

तेरा रंग निराला है,

राधा के संग रास रचैया,

मोहन मुरली वाला है,

महाप्रभु जी के चरणों में ही,

महाप्रभु जी के चरणों में ही,

हर वैष्णव का घर होगा,

तेरा दर्शन इतना सुन्दर,

तू कितना सुन्दर होगा,

तू कितना सुन्दर होगा ॥


नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया,

नाथद्वारा सन्मुख होगा,

तेरा दर्शन इतना सुन्दर,

तू कितना सुन्दर होगा,

तू कितना सुन्दर होगा ॥

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राम भजन - राम जी का मंदिर लगे नीको (Ram Ji Ka Mandir Lage Neeko)

दुनिया की चकाचौंध भूलूं मैं,
राम सिया राम ही बोलूँ मैं

महातारा जयंती कब है?

हिंदू धर्म में माता महातारा को आदि शक्ति का एक दिव्य और शक्तिशाली रूप माना जाता है। दस महाविद्याओं में से एक, महातारा देवी को ज्ञान, सिद्धि और सुरक्षा प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

दुर्गा कवच पाठ

माता ललिता को दस महाविद्याओं की तीसरी महाविद्या माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन देवी की आराधना करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा के दिन करें ये विशेष उपाय

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। मार्गशीर्ष महीने को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय महीना माना गया है। ऐसे में इस माह में पड़ने वाली पूर्णिमा का महत्व कई गुना अधिक है। इसे मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहा जाता है, जो इस साल 15 दिसंबर को है।

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