पूछ रही राधा बताओ गिरधारी (Pooch Rahi Radha Batao Girdhari)

पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,

मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।


गोकुल में छुप छुप के माखन चुरायो,

ग्वाल वाल संग मिल बाँट के खायो ।

दर्शन की प्यासी ये राधा वेचारी,

मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।


पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,

मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।


दिन सारा घूम बिन दामन भटको,

मुझसे दूर दूर रह तुम छतक्यों ।

अच्छी लगी तुम को ये ग्वालिन की गाड़ी,

मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।


पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,

मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।


कान्हा तेरे बोले से मधु कप क्त है,

संवारी सूरतियाँ से रस बरसत है ।

श्याम का है देते मेरी सुध विसारी,

मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।


पूछ रही राधा बताओ गिरधारी,

मैं लगु प्यारी या बंसी है प्यारी ।


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सरस्वती अमृतवाणी (Saraswati Amritwani)

सुरमय वीणा धारिणी,
सरस्वती कला निधान,

दशहरा-विजयादशमी की पौराणिक कथा

शारदीय नवरात्र के बाद 10वें दिन दशहरे का त्योहार देश भर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को माता दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था और भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था।

मैया बधाईं है बधाईं है (Maiya Badhai Hai Badhai Hai)

मैया बधाई है बधाई है,
बाबा बधाई है बधाई है,

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है(Mohan Se Dil Kyun Lagaya Hai)

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है,
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