सुन री यशोदा मैया - भजन (Sun Ri Yashoda Maiya)

सुन री यशोदा मैया,

तेरे नंदलाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी,

कंकरिया से मटकी फोड़ी,

मदन गोपाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी ॥


नानो कन्हैया तेरो बड़ा उत्पाती,

संग में ग्वाल बाल खुरापाती,

कर दे डगरिया पे,

कर दे डगरिया पे,

कर दे डगरिया पे चलना मोहाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी,

मदन गोपाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी ॥


छाछ दही माखन को बेरी,

दाड़ो ढीठ डाटे से ना डरे री,

ऊँचे छीके टांगी,

ऊँचे छीके टांगी,

ऊँचे छीके टांगी बहुत संभाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी,

मदन गोपाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी ॥


सुन री यशोदा मैया,

तेरे नंदलाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी,

कंकरिया से मटकी फोड़ी,

मदन गोपाल रे,

कंकरिया से मटकी फोड़ी ॥

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क्या है वैदिक मंत्र?

दिक मंत्र सदियों से सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म का अभिन्न हिस्सा रहा हैं। ये मंत्र प्राचीन वैदिक साहित्य से उत्पन्न हुए हैं और इनका उल्लेख वेदों, उपनिषदों और अन्य धर्मग्रंथों में भी मिलता है।

मोहे रंग दो अपने ही रंग में, मोहे ओ सांवरिया(Mohe Rang Do Apne Hi Rang Mein Mohe O Sawariya)

नैना लागे जब मोहन से,
नैना को कुछ रास ना आए,

आनंद ही आनंद बरस रहा (aanand-hi-aanand-baras-raha)

आनंद ही आनंद बरस रहा
बलिहारी ऐसे सद्गुरु की ।

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