जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे (Jo Shiv Naam Hothon Pe Chadh Gayo Re)

जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे,

तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥


मन में बसा ले तू शिव का शिवाला,

साथ चलेगा तेरे डमरू वाला,

जो मन शिव की भक्ति में रम गयो रे,

तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥


जग की ये माया बड़ी उलझाए,

पाप कर्म भक्ति के आड़े आवे,

जो शिवजी ने हाथ सिर पे धर दियो रे,

तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥


बम बम बासुकी का नाम बड़ा प्यारा,

नाम ने लाखो को पार उतारा,

जो भोलेनाथ ने हाथ पकड़ लियो रे,

तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥


जो शिव नाम होठों पे चढ़ गयो रे,

तो समझो ये जीवन संवर गयो रे ॥

........................................................................................................
महाशिवरात्रि के विशेष उपाय

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण पर्व है। यह भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का पवित्र त्योहार आंतरिक शांति का प्रतीक है। इस दिन शिवभक्त उपवास, पूजा-अर्चना और रात्रि जागरण के माध्यम से भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।

म्हारी हुंडी स्वीकारो महाराज रे सांवरा गिरधारी (Mari Hundi Swikaro Maharaj Re)

म्हारी हुंडी स्वीकारो महाराज रे,
सांवरा गिरधारी,

मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया (Mere O Sanware Tune Kya Kya Nahi Kiya)

मेरे ओ सांवरे,
तूने क्या क्या नहीं किया,

बना दे बिगड़ी बात, मेरे खाटू वाले श्याम (Bana De Bidagi Baat Mere Khatu Wale Shyam)

बना दे बिगड़ी बात,
मेरे खाटू वाले श्याम,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने