मेरे ओ सांवरे, तूने क्या क्या नहीं किया (Mere O Sanware Tune Kya Kya Nahi Kiya)

मेरे ओ सांवरे,

तूने क्या क्या नहीं किया,

जब लगा मैं गिरा,

थामा तूने लिया,

फिर दोबारा ना गिरने दिया,

मेरे ओ साँवरे,

तूने क्या क्या नहीं किया ॥


अपनों की कहूं,

क्या मैं तुझसे प्रभु,

कौन अपना है ये,

जानता है भी तू,

डाल मुझ पे नज़र,

तू मेरा हमसफर,

है ये जग को बता दिया,

मेरे ओ साँवरे,

तूने क्या क्या नहीं किया ॥


जिसपे पड़ जाती है,

श्याम तेरी नज़र,

डगमगाती नहीं ,

कभी उसकी डगर,

संकटों ने ना फिर,

मुडके उसकी तरफ,

रुख दोबारा कभी भी किया,

मेरे ओ साँवरे,

तूने क्या क्या नहीं किया ॥


मेरी है एक अरज,

तुमसे ऐ सांवरे,

देना कुछ भी,

ना देना अहम सांवरे,

गाऊं तेरे मैं गुण,

हर जगह घूम घूम,

श्याम ने क्या से क्या कर दिया,

मेरे ओ साँवरे,

तूने क्या क्या नहीं किया ॥


मेरे ओ सांवरे,

तूने क्या क्या नहीं किया,

जब लगा मैं गिरा,

थामा तूने लिया,

फिर दोबारा ना गिरने दिया,

मेरे ओ साँवरे,

तूने क्या क्या नहीं किया ॥

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प्रदोष व्रत चालीसा

हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार प्रदोष व्रत कन्याओं के लिए बेहद खास होता है, इस दिन भोलेनाथ की उपासना करने और व्रत रखने से मनचाहा वर पाने की कामना पूरी होती हैं।

अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा (Amrit Bela Geya Aalasi So Raha Ban Aabhaga)

बेला अमृत गया,
आलसी सो रहा बन आभागा,

यमुना माता की पूजा कैसे करें?

भारत की पवित्र नदियों में से एक यमुना नदी है और इसे हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। यमुना नदी उत्तराखंड के यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलती है और प्रयागराज में गंगा नदी में मिल जाती है।

शिव चन्द्रशेखर अष्टक स्तोत्र (Shiv Chandrashekhar Ashtak Stotr)

चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर पाहि माम ।

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