ओ राही रुक जाना, जहाँ चितचोर बसे, उस राह पे मत जाना (O Rahi Ruk Jana Jaha Chitchor Base Us Raah Pe Mat Jana)

ओ राही रुक जाना,

जहाँ चितचोर बसे,

उस राह पे मत जाना ॥


मोहन बड़ा छलिया है,

मोहन बड़ा छलिया है,

सर पे मोर मुकुट,

हाथों में मुरलिया है,

ओ राहीं रुक जाना,

जहाँ चितचोर बसे,

उस राह पे मत जाना ॥


तेरा धन नहीं लूटेगा,

तेरा धन नहीं लूटेगा,

तिरछी नजरिया से,

तेरे मन को लूटेगा,

ओ राहीं रुक जाना,

जहाँ चितचोर बसे,

उस राह पे मत जाना ॥


सुन ले पछताएगा,

सुन ले पछताएगा,

उसके पास गया,

फिर लौट ना आएगा,

ओ राहीं रुक जाना,

जहाँ चितचोर बसे,

उस राह पे मत जाना ॥


वो मुरली बजाएगा,

वो मुरली बजाएगा,

मीठी मीठी तानों से,

तेरे चित को चुराएगा,

ओ राहीं रुक जाना,

जहाँ चितचोर बसे,

उस राह पे मत जाना ॥


ओ राही रुक जाना,

जहाँ चितचोर बसे,

उस राह पे मत जाना ॥

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Vrindavan Me Hukum Chale Barsane Wali Ka (वृन्दावन में हुकुम चले, बरसाने वाली का)

वृन्दावन में हुकुम चले,
बरसाने वाली का,

शिव तांडव स्तोत्र का महत्व और लाभ

सनातन धर्म में मंत्र और स्तोत्र का विशेष महत्व माना जाता है। धर्म शास्त्रों में मंत्र जाप और स्तोत्र के नियमित पाठ के द्वारा भगवान को प्रसन्न करने का विधान है।

श्याम संग प्रीत - भजन (Shyama Sang Preet)

दूर से आया बाबा धाम तेरे खाटू
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चैत्र नवरात्रि कथा

चैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष के साथ आती है और इसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। पंचांग के अनुसार, 2025 में चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू होकर 7 अप्रैल तक चलेगी।

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