प्रबल प्रेम के पाले पड़ के (Prem Ke Pale Prabhu Ko Niyam Badalte Dekha)

प्रबल प्रेम के पाले पड़ के,

प्रभु का नियम बदलते देखा ।

अपना मान भले टल जाए,

भक्त का मान न टलते देखा ॥


जिनकी केवल कृपा दृष्टी से,

सकल विश्व को पलते देखा ।

उसको गोकुल के माखन पर,

सौ-सौ बार मचलते देखा ॥


जिनका ध्यान बिरंची शम्भू,

सनकादिक न सँभालते देखा ।

उसको बाल सखा मंडल में,

लेकर गेंद उछालते देखा ॥


जिनके चरण कमल कमला के,

करतल से ना निकलते देखा ।

उसको गोकुल की गलियों में,

कंटक पथ पर चलते देखा ॥


जिनकी वक्र भृकुटी के भय से,

सागर सप्त उबलते देखा ।

उसको माँ यशोदा के भय से,

अश्रु बिंदु दृग ढलते देखा ॥


प्रबल प्रेम के पाले पड़ के,

प्रभु का नियम बदलते देखा ।

अपना मान भले टल जाए,

भक्त का मान न टलते देखा ॥

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शिव का डमरू डम डम बाजे (Shiv Ka Damru Dam Dam Baje)

शिव का डमरू डम डम बाजे,
टोली कावड़ियों की नाचे,

माघ गुप्त नवरात्रि 2025

हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व को नारी शक्ति और देवी दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा को समर्पित है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बड़ा महत्व है।

हुई गलियों में जय जयकार (Hui Galiyon Mein Jai Jaikaar)

हुई गलियों में जय जयकार,
आया गणपति तेरा त्यौहार ॥

नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया नाथद्वारा सन्मुख होगा (Naam Hai Tera Krishna Kanhaiya)

नाम है तेरा कृष्ण कन्हैया,
नाथद्वारा सन्मुख होगा,

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