राम राज फिर से आयील बा (Ram Raj Fir Se Aayil Ba)

कब से लागल आस पुराइल,

सब जन के मनवा हरसाइल

दुनिया देखे घर घर में भगवा लहराइल बा

राम मंदिर में अइले,

राम राज अब फिर से आइल बा


बोलो राम राम राम

राजा राम राम राम

हरे राम राम राम

सीता राम राम राम


जग के पालनहार भला

कब तक ये साँसत सहते,

सब को महल में रखके खुद

तंबू में कब तक रहते,

पाए सिंहासन रघुवर अब शुभदिन भेंटाइल बा

राम मंदिर में अइले,

राम राज अब फिर से आइल बा


बोलो राम राम राम

राजा राम राम राम

हरे राम राम राम

सीता राम राम राम


कटे थे जितने सर इस युद्ध में

सबने था यह बोला,

राम के घर में देर भले हो

कबो अंधेर ना होला

बरिसन के संताप मिटल भगिया उजियाइल बा

राम मंदिर में अइले,

राम राज अब फिर से आइल बा


बोलो राम राम राम

राजा राम राम राम

हरे राम राम राम

सीता राम राम राम


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श्री रुद्राष्टकम् (Shri Rudrashtakam)

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ।

बाबा महाकाल तेरा, सारा जग दीवाना है (Baba Mahakal Tera, Sara Jag Deewana Hai)

बाबा महाकाल तेरा,
सारा जग दीवाना है,

षटतिला एकादशी के मंत्र

25 जनवरी 2025 को षटतिला एकादशी का व्रत है। इस दिन तिल का काफी महत्व होता है। षटतिला एकादशी के दिन तिल का छह तरीकों से प्रयोग किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में भी विशेष रूप से तिल का इस्तेमाल किया जाता है।

Shiv Stuti: Ashutosh Shashank Shekhar ( शिव स्तुति: आशुतोष शशाँक शेखर )

आशुतोष शशाँक शेखर,
चन्द्र मौली चिदंबरा,

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