बाबा महाकाल तेरा, सारा जग दीवाना है (Baba Mahakal Tera, Sara Jag Deewana Hai)

बाबा महाकाल तेरा,

सारा जग दीवाना है,

मैं भी दर पे आया हूँ,

छोड़कर जमाना है ॥


दर्श मुझको दे देना,

आस ये लगी दिल में,

दर्श मैंने माँगा है,

माँगा ना खजाना है,

बाबा महांकाल तेरा,

सारा जग दीवाना है ॥


बाबा तीनो लोको में,

तेरा लोक है भारी,

महाकाल लोक तेरा,

सबसे सुहाना है,

बाबा महांकाल तेरा,

सारा जग दीवाना है ॥


आके तेरी चौखट पे,

‘प्रेमी’ हो गया पागल,

महाकाल मंदिर में,

अब मेरा ठिकाना है,

बाबा महांकाल तेरा,

सारा जग दीवाना है ॥


बाबा महाकाल तेरा,

सारा जग दीवाना है,

मैं भी दर पे आया हूँ,

छोड़कर जमाना है ॥

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डाल रही वरमाला अब तो जानकी (Daal Rahi Varmala Ab To Janaki)

डाल रही वरमाला अब तो जानकी,
धनुष तोड़ा शिव जी का,

प्रदोष व्रत चालीसा

हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार प्रदोष व्रत कन्याओं के लिए बेहद खास होता है, इस दिन भोलेनाथ की उपासना करने और व्रत रखने से मनचाहा वर पाने की कामना पूरी होती हैं।

करता है तू बेड़ा पार (Karta Hai Tu Beda Paar)

कोई जब राह ना पाए,
शरण तेरी आए,

किस विधि वंदन करू तिहारो(Kis Vidhi Vandan Karun Tiharo Aughardani)

किस विधि वंदन करू तिहारो,
औघड़दानी त्रिपुरारी

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