राम तुम्हारा नाम (Ram Tumhara Naam)

राम तुम्हारा नाम

सुखों का सार हुआ


राम तुम्हारा नाम

सुखों का सार हुआ

राम लहर मैं जो डूबा

बस वो ही पार हुआ ।


हम जैसे भी हैं

राघव उद्धार करो

हमको भी निज चरणों में

स्वीकार करो

हम जैसे भी हैं

राघव उद्धार करो

हमको भी निज चरणों में

स्वीकार करो ।


जब शबरी का बेर

तुम्हें स्वीकार हुआ

राम लहर मैं जो डूबा

बस वो ही पार हुआ ।


राम अलख से

जन्मों का अंधेर गया

जिस पत्थर पे

राम लिखा वो तैर गया

राम अलख से

जन्मों का अंधेर गया

जिस पत्थर पे

राम लिखा वो तैर गया ।


कौन जगत में राम

तुम जैसा अवतार हुआ

राम लहर मैं जो डूबा

बस वो ही पार हुआ ।


क्षीर सिंधु में

शेषनाग पर सोये थे

देख हमारी दशा

नयन भर रोये थे

क्षीर सिंधु में

शेषनाग पर सोये थे

देख हमारी दशा

नयन भर रोये थे ।


तुम उतरे जो राम

धरती पर उपकार हुआ

राम लहर मैं जो डूबा

बस वो ही पार हुआ ।


हम जैसे भी हैं

राघव उद्धार करो

हमको भी निज चरणों में

स्वीकार करो

जब शबरी का बेर

तुम्हें स्वीकार हुआ

राम लहर मैं जो डूबा

बस वो ही पार हुआ ।


राम तुम्हारा नाम

सुखों का सार हुआ

राम लहर मैं जो डूबा

बस वो ही पार हुआ ।

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मेरी वैष्णो मैया, तेरी महिमा अपरम्पार (Meri Vaishno Maiya Teri Mahima Aprampar)

मेरी वैष्णो मैया,
तेरी महिमा अपरम्पार,

धनतेरस की पौराणिक कथा

धनतेरस का पर्व प्रति वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथ में अमृत से भरा कलश लेकर प्रकट हुए थे।

जानकी जयंती पर मां सीता की विशेष पूजा

हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जानकी जयंती मनाई जाती है। यह दिन भगवान राम की पत्नी मां सीता के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।

शुक्रवार व्रत कथा और महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सप्ताह के सातों दिनों में से शुक्रवार का दिन माता संतोषी को समर्पित माना जाता है। शुक्रवार के दिन मां संतोषी का व्रत उनकी व्रत कथा के बिना अधूरा माना जाता है।

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