रण में आयी देखो काली(Ran mein aayi dekho Kali)

रण में आयी देखो काली,

खून से भरने खप्पर खाली,

दुष्टो को तू मारने वाली,

जय काली काली ॥


अष्ट भुजाओं वाला लहंगा,

पहन के मैया आई है,

काट के दुष्टो का सर मैया,

ने माला बनाई है,

चंडी रूप बात निराली,

सजती है मेरी मैया काली,

दुष्टो को तू मारने वाली,

जय काली काली ॥


देख के रूप विराट माँ तेरा,

कई देवता भी हारे,

तेरे आगे विनती करते,

हाथ जोड़ते है सारे,

आखिर में शिव शंकर जी ने,

किया है शांत तुझे माँ काली,

दुष्टो को तू मारने वाली,

जय काली काली ॥


जैसे भैरव बाबा की,

मुक्ति की तूने अम्बे माँ,

महिषासुर को सबक सिखाने,

वाली तू जगदम्बे माँ,

ऐसे ही ‘आशीष बागड़ी’,

चरणों में तेरे आया माँ,

‘हेमंत ब्रजवासी’ ने मैया,

तेरा ही गुण गाया माँ,

खुशियों सबको देने वाली,

जय काली काली ॥


रण में आयी देखो काली,

खून से भरने खप्पर खाली,

दुष्टो को तू मारने वाली,

जय काली काली ॥

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जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

मुझे कैसी फिकर सांवरे साथ तेरा है गर सांवरे (Mujhe Kaisi Fikar Saware Sath Tera Hai Gar Saware)

मुझे कैसी फिकर सांवरे,
साथ तेरा है गर सांवरे,

Chali Ja Rahi Hai Umar Dheere Dheere Lyrics (चली जा रही है उमर धीरे धीरे)

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,

शारदीय नवरात्रि के लिए घट स्थापना कौन से दिन करें, यहां जानें अपने सभी सवालों के जवाब

शारदीय नवरात्रि का आरंभ होने जा रहा है। नौ दिन तक चलने वाले इस महापर्व में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि का पहला दिन बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन घटस्थापना करने का विधान है।

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