मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे (Mera Dil Atka Teri Murat Pe)

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥


जब से देखा है मैने तुझे,

दिल तेरा दीवाना हो ही गया,

जब से देखा है मैने तुझे,

दिल तेरा दीवाना हो ही गया ॥


मेरे नैनो,

मेरे नैनो को अब तेरे सिवा,

कुछ और तो आता नज़र नही,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥


क्या क्या महिमा बतलाऊँ मैं,

कैसे दिल की बात बताऊँ मैं,

क्या क्या महिमा बतलाऊँ मैं,

कैसे दिल की बात बताऊँ मैं ॥


मेरा बहुत,

मेरा बहुत पुराना नाता है,

मुझपे तो किसी का असर नहीं,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥


जो होगा देखा जाएगा,

अब हम तो रहेंगे चरणों में,

जो होगा देखा जाएगा,

अब हम तो रहेंगे चरणों में ॥


अब भला,

अब भला बुरा माँ क्या सोचे,

हमको तो चिंता फिकर नही,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥


जब इतना कुछ हो जाता है,

दिल मेरा मचलने लगता है,

जब इतना कुछ हो जाता है,

दिल मेरा मचलने लगता है ॥


मिलने को,

मिलने को तड़पड़े मैय्या से,

रहती फिर माँ को सबर नही,

मेरा दिल अटका तेरी मूरत पे,

मुझको तो किसी की खबर नही ॥

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तेरी जय हो गणेश जी(Teri Jai Ho Ganesh Ji)

आन पधारो गणपत जी पूरण करदो सब काज,
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आमलकी एकादशी कब मनाई जाएगी

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माँ अंजनी के लाल, कलयुग कर दियो निहाल(Maa Anjani Ke Lal Kalyug Kar Diyo Nihaal)

माँ अंजनी के लाल,
कलयुग कर दियो निहाल,

वृश्चिक संक्रांति की पूजा विधि

संक्रांति मतलब सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना और इसका वृश्चिक राशि में प्रवेश वृश्चिक संक्रांति कहलाता है। यह दिन सूर्य देव की विशेष पूजा और दान करने के लिए शुभ है और व्यक्ति के भाग्योदय में होता है।

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